ब्यूटी प्रॉब्लम्स का बेहतरीन सोल्यूशन है परमानेंट मेकअप: शालिनी तभाने

    खूबसूरत दिखना हर महिला की ख्वाहिश होती है परंतु इसके लिए हर रोज मेकअप में ढेर सारा वक्त लगाना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। करिअर वूमन हो या हाउसवाइफ, हर स्त्री काम की अधिकता और समय की कमी से जूझ रही है। ऐेसे में मेकअप करने के लिए उसके पास वक्त नहीं होता तथा परमानेंट मेकअप ही उनकी इस समस्या का बेहतरीन सोल्यूशन माना जा सकता है। ये कहना है इनएट ब्यूटी जोन की संचानक ब्यूटीशियन और मेकअप आर्टिस्ट शालिनी तभाने का।

    15 वर्षों से बतौर ब्यूटीशियन कार्यरत अपने क्रिएटिव मेकअप, प्रोस्थेटिक मेकअप, कैरेक्टर मेकअप में शहर का एक जाना माना नाम है। अब शालिनी पॉपुलर होते मेकअप ट्रेंड ‘परमानेंट मेकअप’ के लिए भी जानी जाने लगी हैं। शालिनी ने दिल्ली से इस एडवांस टेक्नोलॉजी की स्पेशल ट्रेनिंग ली है। इसके अलावा शालिनी अपनी एकेडमी का भी संचालन करती हैं जहां बेसिक से मास्टर्स तक सर्टिफाइड कोर्स करवाए जाते हैं।

    मराठी फिल्मों व सीरियल्स, सेलिब्रिटी, फैशन शोज, मॉडलिंग, कैटलॉग शूट्स में कई सेलिब्रिटीज का शालिनी मेकअप कर चुकी हैं। नवभारत के ‘बी ब्यूटीफुल’ उपक्रम में शालिनी ने कहा, मुझे कंसेप्शुअल मेकअप का पैशन है, इसलिए मैं कुछ नया और अलग-अलग ट्रेंड्स ट्राय करती रहती हूं। मेकअप डिजाइन करना, मेकअप से क्रिएटिव कैरेक्टरर्स रेडी करना, न्यू कॉन्सेप्ट पर मेकअप करना मुझे ज्यादा पसंद है। उसी तरह से परमानेंट मेकअप का कॉन्सेप्ट यूनिक लगा इसलिए इसमें मेरी रुचि विकसित हुई। मैंने दिल्ली की नीता केसवानी से इसकी ट्रेनिंग ली। जानते हैं परमानेंट मेकअप ट्रेंड्स के बारे में शालिनी से कुछ बेसिक जानकारियां…

    क्या होता है परमानेंट मेकअप?

    इसमें आइब्रो फिल करना, लिप्स पर टैटू से कलर करवाना, तिल बनवाना, आईलाइनर बनवाना जैसी चीजें शामिल हैं। यह केवल मेकअप तकनीक ही नहीं, एक प्रकार से उपचार भी है। इसे आप टैटू आर्ट के समान मान सकती हैं। इस प्रक्रिया में नीडल के माध्यम से स्किन की अपर लेयर में पिग्मेंट पहुंचाया जाता है।

    इसके लिए क्या प्रोसीजर इस्तेमाल किया जाता है?

    आइब्रो फिल करने का जो पॉपुलर तरीका है आजकल, वो है माइक्रोब्लेडिंग। इसमें बालों के नेचुरल रंग से मिलती-जुलती इंक से बालों जैसे पतले स्ट्रोक बनाए जाते हैं। इससे आइब्रो की शेप आ जाती है। कुछ लोगों के लिप्स डार्क होते हैं, उन्हें उनका कलर पसंद नहीं आता और वो बार-बार लिपस्टिक नहीं लगाना चाहते क्योंकि वो कुछ भी खाने-पीने से उतर जाती है। या फिर जो नेचुरली अपने लिप्स को एक खास लुक देना चाहते हैं, उनके लिए ये फायदेमंद है। एक प्रोसीजर होता है तिल बनाने का, वो भी लोग करवाते हैं।

    परमानेंट मेकअप में कितने ऑप्शन अवेलेबल हैं?

    परमानेंट आइब्रोज

    आइब्रोज का कलर लाइट हो या आइब्रो पतली हों या बचपन की किसी चोट के चलते आइब्रो में कट हो जाने पर हमें अपनी आइब्रोज की शेप को इंप्रूव करने के लिए आइब्रो पेंसिल का इस्तेमाल करना पड़ता है परंतु परमानेंट आइब्रोज बनवाकर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। इसमें मशीन द्वारा एक बार आइब्रो को खूबसूरत शेप एवं मनचाहे रंग से बना दिया जाता है जो पसीने या नहाने से खराब नहीं होता।

    परमानेंट लाइनर एवं काजल

    लेंस एवं चश्मे का इस्तेमाल करने वालों के लिए हर रोज लाइनर एवं काजल लगाना परेशानी का विषय हो जाता है। परमानेंट आईलाइनर और काजल से आपकी यह समस्या सुलझ सकती है।

    परमानेंट लिपलाइनर एवं लिप कलर

    लिप्स को शेप देने के लिए परमानेंट लिपलाइनर लगवाया जा सकता है। यह लिपलाइनर आपके मनचाहे शेप के अनुसार लगाया जाता है और लगभग 4 से 10 वर्षों तक बरकार रहता है। पेल लिप्स को कलरफुल करने के लिए परमानेंट लिपस्टिक एक वरदान है। इससे होंठ लगभग 3-4 महीने तक गुलाबी एवं सुंदर बने रहेंगे।

    परमानेंट कलरिंग

    यदि आप सफेद दाग या ल्यूकोडर्मा की शिकार हैं तो परमानेंट कलरिंग की तकनीक आपके लिए किसी रामबाण से कम नहीं। इसके अंतर्गत स्किन से मैच करते कलर को त्वचा की डर्मिस लेयर तक पहुंचाया जाता है जिससे दाग छिप जाते हैं। परमानेंट कलरिंग का असर 2 से 15 साल तक बना रह सकता है।

    परमानेंट मेकअप की अवधि कितनी होती है

    आमतौर पर सभी परमानेंट मेकअप लगभग 15 वर्षों तक टिके रहते हैं परंतु लिप कलर केवल 3 से 4 महीने तक ही रहता है और परमानेंट कलरिंग का असर केस-टू-केस निर्भर करता है।

    इसके कोई साइड इफेक्ट्स होते हैं?

    जर्मन कलर्स और नीडल्स के द्वारा परमानेंट मेकअप किया जाता है, इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। बस इस प्रोसेस को करने के बाद हल्की-सी रेडनेस नजर आती है, जो 15 से 20 मिनट में चली जाती है। ये प्रोसेस 2 सिटिंग्स में होता है। एक हफ्ते बाद मेकअप परमानेंट हो जाता है।

    परमानेंट मेकअप के अलावा और क्या सर्विंस दी जाती है?

    ब्राइडल मेकअप, कॉकटेल मेकअप, पार्टी मेकअप, रूटीन ब्यूटी ट्रीटमेंट, स्किन ट्रीटमेंट किया जाता है। स्किन ट्रीटमेंट में मेडी फेशियल्स, पीलिंग बेस फेशियल्स, हाइड्रा फेशियल्स, डर्मा ब्रेजन (स्किन पॉलिशिंग), एंटी एजिंग ट्रीटमेंट आदि से स्किन लिफ्टिंग होती है व स्किन में ग्लो आता है।

    हेयर ट्रीटमेंट में एंटी डैंड्रफ ट्रीटमेंट होता है जिसमें स्कैल्प से डैंड्रफ की लेयर निकाली जाती है। हेयर रिग्रोथ पर भी काम चल रहा है, जल्द ही इस काम की भी शुरुआत करूंगी। पील हील भी किया जाता है जिसमें महिलाओं की फटी एड़ियों को ट्रीट करते हैं जिससे 2 या 3 सिटिंग में फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं।