यूनिसेफ दिवस: बच्चों की ज़रूरतों का रखता है ख्याल, जानें इसका इतिहास

हर साल 11 दिसंबर को यूनिसेफ (UNICEF) स्थापना दिवस मनाया जाता है। इसकी स्थापना 1946 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) द्वारा की गई थी। इस साल यूनिसेफ 74 वर्ष पूरे कर रहा है। यह दिन बच्चों (Children) से जुड़े हर तरह की सहायता (Help) करने के लिए मनाया जाता है। उनसे जुड़ी सावधानियां(Precautions), स्वास्थ्य में सुधार (Health improvement), उनकी हर ज़रूरतों की आपूर्ति (Supply requirements) करने के लिए द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के बाद शुरू किया गया था। यूनिसेफ ने संयुक्त राष्ट्र के अस्थायी राहत कोष के रूप में शुरू किया, हालांकि, अक्टूबर 1953 में, UNGA ने कमजोर बच्चों की सहायता के लिए यूनिसेफ के जनादेश को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया। 

इतिहास (History)- 

  • वर्ष 1946 में द्वितीय विश्व युद्ध से प्रभावित बच्चों और माताओं को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए U.N. रिलीफ रिहैबिलिटेशन एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा बनाया गया था। उसी साल यू.एन. महासभा ने युद्ध के बाद राहत कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष (यूनिसेफ) की स्थापना की।
  • वर्ष 1950 में, यूनिसेफ के जनादेश को विशेष रूप से विकासशील देशों में बच्चों और महिलाओं की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बढ़ाया गया था।
  • साल 1953 में, यह संगठन संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का एक स्थायी हिस्सा बन गया और बाद में इसका नाम बदलकर इसका वर्तमान स्वरूप कर दिया गया, हालाँकि यह मूल संक्षिप्त नाम को बरकरार रखता है। 

पृष्ठभूमि (Background)-
संगठन का नाम मूल रूप से यूनिसेफ था, यानी संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष। हालाँकि, 1953 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसके नाम से अंतर्राष्ट्रीय और आपातकाल हटा दिए गए थे। उसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने 20 नवंबर, 1959 को बाल अधिकारों की घोषणा को अपनाया। साथ ही 20 नवंबर, 1989 को यूनिसेफ ने बाल अधिकारों पर कन्वेंशन को भी अपनाया और इस सम्मेलन द्वारा निर्देशित किया गया। जिसके बाद 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय विकास और बाल विकास में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए यूनिसेफ द्वारा इस दिन को मनाया जाता है।

यूनिसेफ के बारे में (About UNICEF)-
यूनिसेफ 190 से ज़्यादा देशों और क्षेत्रों में काम करता है। इसका उद्देश्य बच्चों के जीवन को बचाना, उनके अधिकारों की रक्षा और सम्मान करना, साथ ही उनकी ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करना है। वहीं इसे 1965 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यूनिसेफ के कार्यों में बाल संरक्षण, बाल पर्यावरण, बाल विकास और पोषण, शिक्षा, पोलियो उन्मूलन, बच्चों और उम्र, प्रजनन और बाल स्वास्थ्य, वकालत और साझेदारी, आपातकालीन तैयारी और प्रतिक्रिया आदि शामिल हैं।