इंडिया पोस्ट की जमा दरें अब अधिक आकर्षक

  • ब्याज दरों में भारी कटौती से बैंक FD दरें न्यूनतम स्तर पर
  • बैंकों की जमा दरें : 3.5% से 6.20% 
  • इंडिया पोस्ट की जमा दरें : 4% से लेकर 7.6%

मुंबई. लॉकडाउन के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने के लिए ब्याज दरों में भारी कटौती की है. इससे कर्ज बोझ से दबे कारोबारियों और व्यक्तिगत ऋणधारकों को तो कुछ राहत मिली है, लेकिन उन निवेशकों को नुकसान होने लगा है, जो अपनी बचत को बैंकों की सावधि जमा योजनाओं (एफडी) में निवेश कर आय अर्जित करते हैं. ऐसे में ये निवेशक सुरक्षित निवेश के दूसरे विकल्पों की तलाश में हैं. इनके लिए डाकघर की लघु बचत योजनाएं यानी इंडिया पोस्ट स्माल सेविंग स्कीम्स एक सबसे सुरक्षित विकल्प हैं. हालांकि पूरे देश में ब्याज दरें घटने के कारण इंडिया पोस्ट की दरें भी कम हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद अब भी बैंकों की तुलना में इंडिया पोस्ट अपनी स्कीमों में 1.40% तक अधिक रिटर्न दे रहा है.

बैंकों में एफडी पर घटता रिटर्न

लगभग सभी सार्वजनिक और निजी बैंकों की जमा ब्याज दरें मात्र 3.5% से 6.20% तक के न्यूनतम स्तर पर आ गई है. एसबीआई 6 माह से लेकर 10 साल के लिए विभिन्न अवधि की डिपॉजिट पर न्यूनतम 4.4% और अधिकतम 5.40% ब्याज दे रहा है. हालांकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एसबीआई 50 से 80 बेसिस पाइंट तक अधिक रिटर्न देता है. इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक 3.5% से लेकर 5.5% ब्याज दे रहा है और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 80 बेसिस पाइंट तक अधिक ब्याज देय है. एचडीएफसी बैंक भी 6 माह से लेकर 10 साल के लिए विभिन्न अवधि की जमाओं पर न्यूनतम 4.4% और अधिकतम 5.40% ब्याज दे रहा है. वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जमा पर एचडीएफसी 75 बेसिस पाइंट तक अधिक ब्याज देता है.

इंडिया पोस्ट की स्कीम्स बेहतर विकल्प

इंडिया पोस्ट अपनी स्कीमों में 5.5% से लेकर 7.6% तक आकर्षक का ब्याज दे रहा है. इस तरह बैंक एफडी के मुकाबले इंडिया पोस्ट स्कीमों में 1.40% तक अधिक ब्याज प्रतिफल प्राप्त हो रहा है. इंडिया पोस्ट सेविंग डिपॉजिट पर सालाना 4% का ब्याज मिलेगा. एक से तीन साल तक की टाइम डिपॉजिट पर 5.5% ब्याज मिलेगा. जबकि 5 साल की टाइम डिपॉजिट पर इंडिया पोस्ट जमाकर्ता को 6.7% और 5 साल की रिकरिंग डिपॉजिट पर 5.8% ब्याज दे रहा है. टाइम डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट पर जमाकर्ता को तिमाही ब्याज प्रतिफल प्राप्त होता है. 5 साल की सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) में तो बैंकों के मुकाबले 7.4% की काफी आकर्षक ब्याज दर है. इसमें भी तिमाही आधार पर ब्याज मिलता है.

सुकन्या समृद्धि में सबसे अधिक प्रतिफल

इंडिया पोस्ट की 5 साल की मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) पर 6.6% ब्याज प्रतिफल मिलेगा. इसमें हर माह ब्याज की अदायगी होती है. जबकि 5 साल की अवधि वाली नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) स्कीम में 6.8% वार्षिक ब्याज की अदायगी की जाती है. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) स्कीम में 7.1% का वार्षिक ब्याज मिलेगा. किसान विकास पत्र (केवीपी) में 6.9% का वार्षिक ब्याज मिलेगा. इंडिया पोस्ट सबसे अधिक 7.6% का वार्षिक ब्याज अपनी सुकन्या समृद्धि अकाउंट (एसएसए) में दे रहा है. एनएससी, केवीपी, टाइम डिपॉजिट, एससीएसएस में निवेश करने वालों के लिए ब्याज दरें स्कीम में निवेश किए जाने से लेकर मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने तक समान रहती है. वहीं पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि के लिए ब्याज दर हर तिमाही पर सरकार द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद बदलती है. 

घटती दरें वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिंता

बैंक कर्ज दरों में कटौती के साथ बचत जमा दरों में भी कटौती कर रहे हैं. सावधि जमा दरों में कटौती होने से उन लाखों जमाकर्ताओं, खासकर वरिष्ठ नागरिकों को दिक्कत हो रही है, जो अपनी जमा पूंजी बैंकों में जमा रख कर ब्याज की कमाई से ही अपनी आजीविका का निर्वहन करते हैं. ब्याज दर घटने से ब्याज प्रतिफल भी कम हो रहा है. अब ऐसे मेंवरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित निवेश के लिए इंडिया पोस्ट की योजनाएं ही एक श्रेष्ठ विकल्प है.

अच्छे रिटर्न के साथ निवेश पूर्ण सुरक्षित :  स्वाति पांडेय

मुंबई की पोस्टमास्टर जनरल स्वाति पांडेय का कहना है कि इंडिया पोस्ट जमाकर्ताओं को निवेश सुरक्षा की शत- प्रतिशत गारंटी के साथ मन की शांति प्रदान करता है. यानी भारतीय डाक में अपनी जमा पूंजी निवेश कर जमाकर्ता पूरी तरह चिंता मुक्त रह सकते हैं. क्योंकि इंडिया पोस्ट में जमाराशि पर भारत सरकार की पूर्ण गारंटी मिलती है, साथ ही हमारी स्कीमों में 7.6% तक का आकर्षक रिटर्न भी मिल रहा है. इसलिए हमारी सभी लघु बचत योजनाएं देश में लोकप्रिय हैं.  पूर्ण डिजिटल नेटवर्क होने से हमारा जमाकर्ता देश के किसी भी पोस्ट ऑफिस से अपना खाता ऑपरेट कर सकता है.