भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ पर डॉक्टरों ने उठाया सवाल, लगवाने से किया इनकार

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) के खात्मे की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज पूरे विश्व के सबसे बड़े कोरोना टीकाकरण अभियान (Vaccination Program) की शुरुआत कर दी है। पहले चरण में देश भर के स्वास्थ्य कर्मियों (Health Worker) को टीका लगाया जा रहा है। वहीं अब इसपर सवाल भी उठना शुरू हो गया है। अब इस में डाक्टर भी शामिल हो गए हैं। दिल्ली स्थित राममनोहर लोहिया अस्पताल (Rammanohar Lohiya Hospital) ने भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की कोवैक्सीन (Covaxin) लगवाने से इनकार कर दिया है। इसी के साथ उन्होंने इसकी जगह सीरम (SII) की ‘कोविशील्ड’ (Covishield) लगाने की मांग की है। 

मेडिकल सुपरिटेंडेंट को लिखे पत्र में अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने कहा, “हम सभी दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में कार्यरत हैं। देश में कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो गई है, जिसमें हमें जानकारी मिली है कि ईद के दौरान सीरम की कोवीशील्ड की जगह भारत बायोटेक की कोवैक्सीन लगाई जा रही है। 

डॉक्टरों ने अपने पत्र में कहा, “हम आपको ध्यान में लाना चाहते हैं कि कोवैक्सीन का अभी तक क्लिनिकल ट्रायल शुरू है, तीसरे चरण का परिणाम अभी नहीं आया है. जिसकी वजह से इसपर आशंकाएं हैं. अगर इसे बड़ी संख्या में लगा भी दिया तो टीके का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। इसलिए जब तक क्लिनिकल ट्रायल के परिणाम नहीं आते हमें कोवीशील्ड लगवाया जाए।”

ज्ञात हो कि, ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ़ इंडिया ने दो जनवरी को सीरम की कोवीशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को देश में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी है। जिसके बाद एम्स  दिल्ली निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कोवैक्सीन को लेकर बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि, “इस वैक्सीन का इस्तेमाल बैकअप के तौर पर किया जाएगा।” जिसके बाद से ही इसपर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।