COVISHIELD

    नई दिल्ली: देश में इस साल अप्रैल और मई में कोविड महामारी की दूसरी लहर के चरम पर होने के दौरान दोनों खुराक लेने वाले लोगों में संक्रमण से बचाव करने में कोविशील्ड 63 फीसदी कारगर रही। एक नए अध्ययन में यह जानकारी सामने आयी है।

    यह अध्ययन ”लांसेट इन्फेक्सियस डिजीज” जर्नल में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन के दौरान सार्स-सीओवी2 संक्रमण के 2,379 पुष्ट मामलों और 1,981 नियंत्रित मामलों की तुलना की गई।

    इसके मुताबिक, पूर्ण टीकाकरण करवा चुके लोगों में टीका 63 फीसदी प्रभावी पाया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में इस अध्ययन को साझा किया है। मंत्रालय ने कहा कि यह अध्ययन टीके की मौजूदा प्रभावशीलता और टीकाकरण के प्रति प्रतिरक्षात्मक प्रतिक्रिया पर व्यापक आंकड़े प्रदान करता है, जोकि नीति निर्धारण में मददगार साबित हो सकता है।

    ‘ट्रांसलेशनल स्वास्थ्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान” (टीएचएसटीआई) के नेतृत्व में भारतीय शोधकर्ताओं की एक बहु-संस्थागत टीम ने भारत में इस साल अप्रैल और मई के बीच दूसरी लहर के दौरान कोविशील्ड टीके की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया। (एजेंसी)