India gave a befitting reply to China, now people of some countries including Chinese citizens will not get Indian e-visa
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    नई दिल्ली: चीन (China) की बढ़ती आक्रामकता का भारत (India) ने एक बार फिर से करारा जवाब दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत आनेवाले सोमवार को एक बार फिर 152 देशों के लिए ई-वीजा (E-Visa) सुविधा को बहाल करने जा रहा है। लेकिन इस बार इस लिस्ट में चीन (China), हॉन्ग-कॉन्ग (Hong Kong) और मकाऊ (Macau) को भारत ने शामिल नहीं किया है। वहीं इस बहाली के बाद ताइवान, वियतनाम, सिंगापुर और अमेरिका सहित करीब 152 देशों के नागरिक भारत में ई-वीजा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

    दरअसल, भारत की ई-वीजा फैसिलिटी पहले चीन सहित 171 देशों के लोगों के लिए उपलब्ध थी। अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बार-बार चीन की सेना के उल्लंघन के अलावा, पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना के साथ गतिरोध को देखते हुए चीनी नागरिकों को ई-वीजा पहुंच से वंचित करने का भारत का एक सख्त कदम माना जा रहा है।

    भारत ने 2015-16 में चीनी पर्यटकों के लिए पूर्व रेफरल श्रेणी (पीआरसी) मानदंडों में ढील दी थी और उन्हें ई-वीजा प्राप्त करने के लिए 171 देशों के साथ शामिल किया था। चीन, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, इराक, सूडान के अलावा, पाकिस्तानी मूल के विदेशी और स्टेटलेस व्यक्ति पीआरसी के तहत अन्य देश थे। हालाँकि, मार्च 2020 में यात्रा प्रतिबंधों की घोषणा के बाद, कोविड -19 के प्रकोप के बाद, सभी पर्यटक ई-वीजा रद्द कर दिए गए थे। हालांकि बाद में अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइट्स के ऑपरेशन शुरू होने के बाद इसे एक बार फिर से बहाल करने का फैसला लिया गया।  

    बता दें कि, अगस्त 2020 में सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा के मानदंडों में ढील दी और एयर बबल योजना के तहत अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के विदेशी नागरिकों को भारत की यात्रा करने की अनुमति दी थी।विदेशी नागरिकों को स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रोटोकॉल के साथ व्यापार, सम्मेलनों, रोजगार, अध्ययन और अनुसंधान जैसे उद्देश्यों के लिए अनुमति दी गई थी। एमएचए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत, मौजूदा ई-वीजा और 6 अक्टूबर से पहले जारी नियमित पर्यटक वीजा निलंबित रहेंगे।