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    नई दिल्ली: नगालैंड (Nagaland) के मोन जिले में सुरक्षाबलों (Security Forces) की गोलीबारी में आम नागरिकों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 14  हो गया है।  घटना की वजह से मोबाइल इंटरनेट और बल्क मैसेजिंग सेवाएं भी बंद कर दी गई है।  पुलिस ने बताया कि इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह गलत पहचान का मामला है। गोलीबारी के बाद हुई हिंसा में एक सैनिक की भी मौत हो गई। यह घटना ओटिंग और तिरु गांव के बीच उस समय हुई जब शनिवार शाम कुछ दिहाड़ी मजदूर एक कोयला खदान से पिकअप वैन में सवार होकर घर लौट रहे थे।

    पुलिस के मुताबिक प्रतिबंधित संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-के (एनएससीएन-के) के युंग ओंग धड़े के उग्रवादियों की गतिविधि की सूचना मिलने के बाद इलाके में अभियान चला रहे सैन्यकर्मियों ने वाहन पर कथित रूप से गोलीबारी की। वहीं  गुस्साई भीड़ ने जल्द ही सेना के वाहनों को मौके पर ही घेर लिया और उसके बाद हुई लड़ाई में एक सैनिक की मौत हो गई और कम से कम तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

     सेना ने घटना की ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ का दिया आदेश 

     सेना ने घटना की ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ का आदेश देते हुए बताया कि इस दौरान एक सैन्यकर्मी की मौत हो गई और कई अन्य सैनिक घायल हो गए। इसने कहा कि यह घटना और उसके बाद जो हुआ, वह ‘‘अत्यंत खेदजनक” है तथा लोगों की मौत होने की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की उच्चतम स्तर पर जांच की जा रही है। नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने का वादा किया और समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया।

    अधिकारी ने कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि कहीं यह घटना गलत पहचान का मामला तो नहीं है। मोन म्यांमा की सीमा के पास स्थित है, जहां से एनएससीएन-के का युंग ओंग धड़ा अपनी उग्रवादी गतिविधियां चलाता है।  पुलिस अधिकारी ने कहा कि हालात काबू में हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे को घटना की जानकारी दी गई है। 

    सेना की 3 कोर के मुख्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि नगालैंड में मोन जिले के तिरु में उग्रवादियों की संभावित गतिविधियों की विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर इलाके में एक विशेष अभियान चलाए जाने की योजना बनाई गई थी। यह घटना और इसके बाद जो हुआ, वह अत्यंत खेदजनक है। लोगों की मौत की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारणों की ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ के जरिए उच्चतम स्तर पर जांच की जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।