mamata-banerjee

कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी (Mamata Banerjee) और तृणमूल कांग्रेस (Trunmool Congress) की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रहा है। पार्टी के अंदर नाराज नेताओं की संख्या लगातर बढ़ती जारही है। शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के बाद अब कई और मंत्रियों की जल्द ही पार्टी छोड़ने की आशंका जताई जा रही है। मंगलवार को राज्य सचिवालय में बुलाई कैबिनेट बैठक में ममता सरकार (Mamata Government) के चार मंत्री बैठक से नदारद रहे।

दरअसल, ममता बैनर्जी की अध्यक्ष्ता में कैबिनेट बैठक बुलाई थी, जिसमें चार मंत्री पर्यटन मंत्री गौतम देब (Gautam Deb), उत्तर बंगाल विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष (Ravindranath Ghosh), मत्स्य पालन मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा (Chandrakant Sinha) और वन मंत्री, राजीब बनर्जी (Rajib Banerjee) बैठक में नहीं पहुंचे। जिसके बाद सभी के जल्द ही टीएमसी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई है। 

कोरोना के वजह से नहीं पहुंचे दो मंत्री

जानकारी के अनुसार राज्य के दो मंत्री गौतम देब और रवींद्रनाथ घोष कोरोना वायरस (Corona Virus) से संक्रमित हो गए थे, उसके बाद से ही दोनों मंत्री कैबिनेट बैठक से दूर रहे हैं। वहीं दो अन्य मंत्री सिन्हा और राजीव बैनर्जी पिछले कई दिनों नाराज चल रहे हैं। 

पिछले कई दिनों से नाराज है राजीव बैनर्जी

अधिकारी की तरह पिछले कई दिनों ने राजीव बैनर्जी भी पार्टी और सरकार से नाराज चल रहे हैं। उन्होंने कई बार अपनी नाराजगी मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के सामने दिखा चुके हैं। पिछले दिनों  पार्टी के वरिष्ठ नेता सौगात राय ने राजीव से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनकी नाराजगी दूर होने की संभावना जताई गई थी। 

नेताओं ने लगाया पार्टी पर पक्षपात का आरोप 

टीएमसी में पिछले कई दिनों से नेताओं का जाना लगा हुआ है। पिछले 10 दिनों में दो दर्जन से ज्यादा बड़े नेता पार्टी छोड़ भाजपा (TMC) में शामिल हो चुके हैं। जिनमें से सबसे बड़ा नाम शुभेंदु अधिकारी का था, जो 19 दिसंबर को गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की आयोजित रैली में भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ टीएमसी के नौ विधायक के साथ कई पार्षद और कार्यकर्ता भी शामिल हुए थे।