JNU

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    नई दिल्ली/मुंबई. एक बड़ी खबर के अनुसार JNU के इतिहास में पहली बार कोई महिला कुलपति (a female vice chancellor in JNU) बनी है।  जी हाँ, प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित, जो फिलहाल पुणे यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं को 5 साल के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली का कुलपति नियुक्त किया गया है। वह JNU की पीएचडी की छात्रा रहा चुकी हैं। 

    मालूम हो कि इससे पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रोफेसर नजमा अख्तर केंद्रीय विश्वविद्यालय में ऐसे ही पहली महिला कुलपति का दर्जा हासिल कर चुकी हैं। 

    बता दें कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में करीब एक साल से कुलपति की तलाश (Vice Chancellor at JNU) चल रही थी।  इस संभ्रात पद के लिए दो नाम की सबसे ज्यादा चर्चा थी।  जिसमें प्रोफेसर शांतिश्री पंडित और प्रोफेसर अविनाश कुमार पांडे आगे थे।  इसके अलावा प्रोफेसर गुलशन सचदेवा का भी नाम पिछले दिनों कुलपति पद के (Hope to become a female vice chancellor in JNU) दावेदारों में लिया जा रहा था।  

    लेकिन फिर कुलपति पद के लिए सबसे ज्यादा प्रबल दावेदार प्रोफेसर शांतिश्री पंडित और प्रोफेसर अविनाश कुमार पांडे को माना जा रहा था।  वहीं प्रोफेसर शांतिश्री पंडित फिलहाल पुणे यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर है।  वह जेएनयू की पीएचडी की छात्रा रहा चुकी हैं।  इसके अलावा प्रोफेसर अविनाश पांडे फिलहाल IUAC से बतौर प्रोफेसर कार्यरत हैं। 

    गौरतलब है कि 27 अक्टूबर 2020 को कुलपति पद के लिए आवेदन मांगे गए थे।  इसके अलावा मंत्रालय की ओर से एक साल बाद फिर से दो अक्टूबर 2021 को JNU के कुलपति के लिए दोबारा आवेदन मांगे गए थे।  

    इसमें आवेदन करने की आखिरी तारीख उसके बाद 11 अक्टूबर निर्धारित हुई  थी।  वहीं JNU के कुलपति प्रोफेसर एम।  जगदीश कुमार को चार फरवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का चेयरमैन नियुक्त करने को लेकर आदेश जारी किया गया था।  जिसके बाद अब संभावना बढ़ गई थी कि आने वाले सप्ताह में जल्द ही JNU को नए कुलपति मिलेगा।  जी कि अब प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित के रूप में मिल चूका है।