rahul gandhi

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने गुरुवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया परराजनीतीकमहत्वकांक्षाके लिए विचारधारा छोड़ने का आरोप लगाया हैं. गुरुवार को सांसद भवन के बाहर

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने गुरुवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया पर राजनीतीक महत्वकांक्षा के लिए विचारधारा छोड़ने का आरोप लगाया हैं. गुरुवार को सांसद भवन के बाहर संवादाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, " ​​यह विचारधारा की लड़ाई है, एक तरफ कांग्रेस और दूसरी तरफ भाजपा-आरएसएस है।"

राहुल गाँधी ने कहा, " मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया की विचारधारा को जानता हूं, वह कॉलेज में मेरे साथ थे, मैं उन्हें अच्छी तरह से जानता हूं। वह अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में चिंतित थे, अपनी विचारधारा को त्याग दिया और आरएसएस के साथ चले गए." 

उन्होंने कहा, " वास्तविकता यह है कि उन्हें वहां (भाजपा) सम्मान नहीं मिलेगा और वे संतुष्ट नहीं होंगे। उसे इसका एहसास होगा, मुझे पता है क्योंकि मैं उसके साथ लंबे समय से दोस्त हूं। उसके दिल में क्या है और उसके मुंह से क्या निकल रहा है, यह अलग है." 

मै कांग्रेस अध्यक्ष नहीं 
अपनी मुख्य टीम के सदस्यों को राज्यसभा नहीं भेजने के सवाल पर जवाब देते हुए राहुल ने कहा, "  मैं कांग्रेस अध्यक्ष नहीं हूं, मैं आरएस प्रत्याशियों पर निर्णय नहीं ले रहा हूं." उन्होंने कहा, " मैं देश के युवाओं को अर्थव्यवस्था के बारे में बता रहा हूं. मेरी टीम में कौन है, मेरी टीम में कौन नहीं है, इसका कोई नतीजा नहीं है."

अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर में 
देश की मौजूदा हालत पर बोलते हुए गाँधी ने कहा, " मैं विपक्ष का नेता हूं, मैं भारत के लोगों का ध्यान एक बहुत ही गंभीर समस्या पर ला रहा हूं." उन्होंने कहा, "केंद्रीय समस्या यह है कि हमारी सबसे बड़ी ताकत जो हमारी अर्थव्यवस्था थी अब एक बहुत बड़ी कमजोरी बन गई है."

गौरतलब हैं कि, राज्यसभा सीट को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीच विवाद होगया था. जिसके कारण उन्होंने 10 मार्च को कांग्रेस इस्तीफ़ा देदिया था. वहीँ  कल बुधवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के मौजूदगी में पार्टी में शामिल होगए हैं. इसी के साथ मध्यप्रदेश में उनके समर्थक विधायक और मंत्रियों ने भी अपना इस्तीफ़ा देदिया हैं. जिसके वजह से कमलनाथ सरकार अल्पमत में आगई हैं.