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    सीमा कुमारी

    नई दिल्ली: हर साल ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को ‘गायत्री जयंती’ (Gayatri Jayanti) का पावन पर्व मनाया जाता है। इस साल यह जयंती 11 जून यानी आज शनिवार को मनाई जाएगी। इस एकादशी को ‘निर्जला एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। ‘निर्जला एकादशी’ को सभी एकादशी में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। ‘गायत्री जयंती’ गंगा दशहरा के अगले दिन मनाते हैं, हालांकि कुछ स्थानों पर सावन महीने की पूर्णिमा को ‘गायत्री जयंती’ मनाते है। आइए जानें ‘गायत्री जयंती’ की तिथि, पूजा मुहूर्त आदि के बारे में –

    इस साल 11 जून, 2022, शनिवार को गायत्री जयंती मनाई जाएगी।

    गायत्री जयंती मुहूर्त

    एकादशी तिथि प्रारम्भ – जून 10, 2022 को 07:25 ए एम बजे

    एकादशी तिथि समाप्त – जून 11, 2022 को 05:45 ए एम बजे

    पूजा-विधि

    इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।

    स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।

    सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।

    मां गायत्री का ध्यान करें।

    मां को पुष्प अर्पित करें।

    गायत्री मंत्र का जप करें।

    मां को भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।

    महिमा

    गायत्री माता चारों वेदों की जननी है। ‘गायत्री मंत्र’ को चारों वेदों का सार माना जाता है। प्रारंभ में ‘गायत्री मंत्र’ कुछ देवी-देवताओं तक ही सीमित था। बाद में वशिष्ठ ऋषि ने कठोर तप करके इस मंत्र को प्राप्त किया और उसे जन-जन तक पहुंचाया, जिससे मनुष्यों को भी इस ‘गायत्री मंत्र’ (Gayatri Mantra) से लाभ हो सके। मां गायत्री की कृपा से व्यक्ति को आयु, शक्ति, प्राण, कीर्ति, धन आदि की प्राप्ति होती है।

    गायत्री मंत्र

    ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।