भारत में 10 प्रसिद्ध और शानदार चर्च, जिनकी खूबसूरती है सबसे अलग

भारत (India) समेत पूरी दुनिया में क्रिसमस (Christmas) की तैयारी शुरू है. अपनी सजावट और संता क्लोज के लिए पूरी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इस दिन को लोग एक धार्मिक और संस्कृतिक उत्सव (Religious and cultural festivals) के रूप में मनाया जाता है. इस दिन बड़ी संख्या में लोग चर्चा भी जाते है।

भारत में लंबे समय तक ब्रिटिश, फ्रांसीसी, डच (British, French, Dutch) और पुर्तगाली (Portuguese) शासन करते रहे हैं। औपनिवेशिक संस्कृति के कारण, देश के विभिन्न हिस्सों में कई चर्चों का निर्माण किया गया था। जो अपनी खूबसूरती के लिए देश के साथ दुनिया भर में प्रसिद्ध है। आइए जानते है ऐसे ही 10 प्रसिद्ध चर्चा जो भारत में मौजूद है। 

1. सेंट पॉल कैथेड्रल, कोलकाता

सेंट पॉल कैथेड्रल ((St Paul’s Cathedral)) एशिया का पहला एपिस्कोप्लियन चर्च है। यह शहर के बीचों बीच स्थित है और अंग्रेजों द्वारा इंडो-गोथिक शैली में बनाया गया है। क्रिसमस के दौरान चर्च की खूबसूरती देखते ही बनती है। इस चर्च में केवल ईसाई समेत सभी धर्मो के अनुयायी यहां आते हैं। यह भारत के पुराने चर्चों में से एक है।

2. शिमला क्राइस्ट चर्च

शिमला की प्राकृतिक सुंदरता मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। हिल स्टेशन सर्दियों के मौसम के दौरान और भी खूबसूरत लगता है, खासकर क्रिसमस के समय। यदि आप क्रिसमस की पूर्व संध्या पर बर्फबारी का अनुभव करना चाहते हैं, तो शिमला क्राइस्ट चर्च (Shimla Christ Church) आपके लिए सही जगह है। यह उत्तर भारत का दूसरा सबसे पुराना चर्च है। इस चर्च को पूरा करने में 11 साल का समय लगा और अब इसे देशभर के पर्यटकों के प्रमुख दर्शनीय स्थल है। चर्च वास्तुकला की नव-गॉथिक शैली दिखाता है और सर्दियों के दौरान शानदार दिखता है।

3. सेंट जॉन वाइल्डरनेस चर्च

सेंट जॉन चर्च इन वाइल्डरनेस (St. John’s Wilderness Church), एक शांत जगह है जो मल्लीताल (नैनीताल के उत्तरी छोर) में स्थित है। यह चर्च वर्ष 1844 में स्थापित की गई थी। रिकॉर्ड के अनुसार, कोलकाता के बिशप (धार्माध्यक्ष) डैनियल विल्सन, इस चर्च की नींव के पत्थर की स्थापना करने यहाँ आए थे, अपनी यात्रा के दौरान वह बीमार हो गए और उन्हें जंगल के करीब एक अधूरे बने घर में रहना पड़ा। इसलिए, इस चर्च को जंगल में सेंट जॉन के रूप में जाना जाने लगा। बेल्गेन स्टेंन ग्लास से बेन इस चर्च की खिड़की बेहद चर्च को सबसे अलग बनती है, यह उत्तर भारत में प्रसिद्ध चर्चो मेसे एक है।

4. बेसिलिका ऑफ बोम जीसस, गोवा

ओल्ड गोवा में स्थित, बेसिलिका ऑफ बोम जीसस (Basilica of Bom Jesus) 1605 ईस्वी में बनाया गया था। बेसिलिका सेंट फ्रांसिस जेवियर के मकबरे और नश्वर अवशेषों का घर है और वास्तुकला के क्लासिक रूपों का एक स्मारक है, जिसे सोसाइटी ऑफ जीसस द्वारा शुरू किया गया है, जिसे जेसुइट्स के रूप में जाना जाता है। ओल्ड गोवा में यह एकमात्र चर्च है जिसे बाहर की तरफ नहीं बनाया गया है।

इस चर्च में आप बारोक वास्तुकला देख सकते हैं। चर्च लगभग 400 साल पुराना है और अब इसे यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल के रूप में घोषित किया गया है। चर्च का पुराना आकर्षण अभी भी बेसिलिका ऑफ बोम जीसस में पाया जा सकता है, इसीलिए यह देश के सभी कोनों से पर्यटकों को आकर्षित करता है।

5. ऑल सेंट्स चर्च, कुन्नूर

कुन्नूर स्थित ऑल सेंट्स चर्च (All Saints Church) चर्च 1854 में बनाया गया था। यह एक एंग्लिकन चर्च है जो अपनी खूबसूरत लकड़ी से बनी हुई कलाकृति के लिया प्रसिद्ध है। सना ग्लास से बनी खिड़कियां आपको ब्रिटिश औपनिवेशिक युग में वापस ले जाएंगी। इमारत में गुंबद जैसी विशाल संरचना है और यह पाइन के पेड़ों से घिरा हुआ है। इस चर्च मेंआमतौर परज्यादा भीड़ नहीं रहती है, इसलिए यात बेहद शांत जगह है, जिससे पर्यटक शांति के कुछ क्षणों का आनंद ले सकते हैं।

6. सेंट एंड्रयूज बेसिलिका आर्थुंकल, अल्लेप्पी

केरल के अल्लेप्पी जिले में स्थित सेंट एंड्रयूज बेसिलिका आर्थुंकल (St andrew’s basilica arthral) चर्च की स्थापन 1584 में की गई थी। यह दुनिया में संत सेबेस्टियन का सबसे बड़ा मंदिर है। दक्षिण भारत के प्रसिद्ध चर्चों में से एक, आर्थुंकल में सेंट एंड्रयूज बेसिलिका को 16 वीं शताब्दी में पुर्तगाली मिशनरियों द्वारा बनाया गया था। चर्च प्राचीन वास्तुकला को प्रदर्शित करता है, जबकि आंतरिक में लकड़ी का काम है।

7. सांता क्रूज़ बेसिलिका, कोच्चि

यदि आप भारत में सबसे सुंदर ईसाई धार्मिक स्थलों में से एक को देखना चाहते हैं, तो आपको कोच्चि में सेंट क्रूज़ बेसिलिका (St. Cruise Basilica) को जरुर देखने जाना चाहिए। यह दूसरा गिरजाघर है जिसे पुर्तगालियों ने बनवाया था। इस चर्च में आपको स्तंभों में भित्तिचित्र मिलेंगे जबकि सात विशाल कैनवस चित्र और लोहे की बनाई कांच की खिड़कियां जो इसकी खूबसूरती को और भव्य बनती हैं। 

8. एमैले कॉन्सेप्शन कैथेड्रल, पांडिचेरी 

पांडिचेरी स्थित इस चर्च को 1686 में स्थापित एमैले कॉन्सेप्शन कैथेड्रल (Emale Conception Cathedral) भारत में प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षणों में से एक है। यह चर्च सेंट पीटर्स को समर्पित है। ब्रिटिश आक्रमण के समय, यह एकमात्र संरचना थी जो बच गई थी।

9. वेलंकन्नी चर्च, वेलंकन्नी

तमिलनाडु के वेलांकन्नी स्थित इस चर्च ((Velankanni Church)) से नज़रें हटाना वाकई मुश्किल है। बंगाल की खाड़ी के रेतीले तटों पर स्थित, इस शहर को पोप द्वारा पवित्र घोषित किया गया है। दुनिया भर से भक्त और पर्यटक इस चर्च में आते हैं। यदि यहाँ आए तो इस खूबसूरत चर्च में जाना न भूलें।

10. बेसिलिका ऑफ अवर लेडी ऑफ डोलर्स, त्रिशूर

जब आप दक्षिण भारत में प्रसिद्ध चर्चों की तलाश कर रहे हैं, तो आपको थ्रिसुर में हमारी लेडी ऑफ डोलोरेस की बेसिलिका (Basilica of Our Lady of Dollars) का दौरा करना चाहिए। 1875 में निर्मित, इसकी दीवारों के साथ-साथ छत पर की गई चित्रकारी निश्चित रूप से आपको प्रभावित करेंगे। चर्च में एक 140 फीट लंबा स्टीपल है, जिसे आप शहर के किसी भी नुक्कड़ से देख सकते हैं।