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    सीमा कुमारी

    नई दिल्ली: 2021 का आखिरी ‘सूर्यग्रहण’ 4 दिसंबर शनिवार को लग रहा है। ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार,यह सूर्यग्रहण कई मायनों में विशेष बताया जा रहा है। ज्योतिष-शास्त्र में ‘सूर्य ग्रहण’ की घटना को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस ताज़ा ‘सूर्यग्रहण’ में क्या खास बात है, आइए जानें –

    पंचांग के अनुसार, अमावस्या आरंभ 3 दिसंबर को  दोपहर 04:55  से होगा और 4 दिसंबर को प्रात: 01: 12 मिनट पर अमावस्या समाप्त होगी।

    साल का आखिरी ‘सूर्यग्रहण’ अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में दिखाई देगा।

    ज्योतिष-शास्त्र के मुताबिक, ‘सूर्य ग्रहण’ के दौरान सूतक काल प्रभावी नहीं होगा। 4 दिसंबर 2021 को लगने वाले सूर्यग्रहण को ‘उपछाया ग्रहण’ कहा जा रहा है। यह पूर्ण ग्रहण नहीं है। सूतक काल पूर्ण ग्रहण की स्थिति में ही मान्य होता है।

    बीते 15 दिनों के भीतर ये दूसरा ग्रहण है।  इससे पूर्व वृषभ राशि में कार्तिक पूर्णिमा, यानि 19 नवंबर 2021 को लगा था। इसके बाद अब 4 दिसंबर को सूर्य ग्रहण लग रहा है।

    साल 2022 का पहला सूर्यग्रहण 30 अप्रैल को लगेगा। ये आंशिक ग्रहण होगा। जिसका असर दक्षिणी-पश्चिमी अमेरिका, पेसिफिक अटलांटिक और अंटार्कटिका में देखने को मिलेगा।