बात यहां के लोगों से पाक से नहीं, अमित शाह ने कश्मीर में दिखाया दम

    अपने कश्मीर दौरे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वही दृढ़ता दिखाई जिसकी देशवासी उनसे उम्मीद कर रहे थे. कश्मीर घाटी में पिछले दिनों आतंकवाद की घटनाएं हुई जिनमें गैर मुस्लिमों को चुनकर मारा गया. घाटी में काम कर रहे अन्य राज्यों के मजदूर वापस लौटने को विवश हुए. ऐसी हालत में विश्वास बहाल करना आवश्यक हो गया था. सुरक्षा बलों ने आतंकियों और उनके मददगारों के प्रति सख्ती दिखाई जो 1990 के हालात दोहरा कर हिंदू और सिखों को घाटी से खदेड़ना चाहते थे.

    ऐसे समय अमित शाह ने बेखौफ अंदाज में मंच पर लगा बुलेट प्रूफ ग्लास हटवाकर श्रीनगर में जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने सार्थक संवाद कर लोगों का विश्वास जगाने की कोशिश की और डंके की चोट पर कहा कि मैं पाकिस्तान से नहीं, आम लोगों से बात करूंगा. घाटी के लोग अपने मन से डर निकाल दें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में जम्मू-कश्मीर बसता है. कश्मीर अब तरस्की की राह पर है. कश्मीर घाटी, जम्मू और नए बने लद्दाख का विकास पाकीजा (पवित्र) मकसद से उठाया गया कदम है.

    शांति और विकास की यात्रा अवाध जारी रहेगी

    गृहमंत्री शाह ने कहा कि कश्मीर की शांति और विकास की यात्रा में अब कोई खलल नहीं डाल सकता. उन्होंने कश्मीरी युवाओं से सीधा सवाल किया कि जिन्होंने आपके हाथ में पत्थर पकड़ाए थे, उन्होंने आपका क्या भला किया? 40,000 लोग घाटी में मारे गए लेकिन आज तक विपक्ष ने आतंकवाद की निंब नहीं की. हम आतंकियों की नागरिकों को मारने की इजाजत नहीं देंगे. शाह ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला ने भारत सरकार को पाकिस्तान से बात करने की सलाह दी लेकिन मैं कश्मीर के नौजवानों से दिल खोलकर बात करना चाहता हूं. 70 साल तक यहां के युवाओं को उनका अधिकार नहीं मिला लेकिन अब उन्हें बराबरी का अधिकार मिलेगा.

    20,000 से ज्यादा को नौकरी

    गृहमंत्री ने कहा कि कश्मीर में 20,000 से ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरी दी गई. इसके अलावा और 6,000 लोगों को नौकरी मिलने वाली है. उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की दुर्दशा की ओर इसारा करते हुए कहा कि पीओ के आपके नजदीक है. वहां पूछिए कि क्या गांव में बिजली आई? अस्पताल, मेडिकल कॉलेज है क्या? गांव में पीने का पानी आता है? महिलाओं के लिए शौचालय है क्या? वहां कुछ भी नहीं हुआ है और ये लोग पाकिस्तान से चर्चा की बात करते हैं.

    विपक्ष की आलोचना की

    विपक्षी पार्टियों की नीयत पर सवाल उठाते हुए अमित शाह ने कहा कि बहुत लोगों ने सवाल उठाए थे कि संविधान का अनुच्छेद 370 हटने पर लोगों की जमीन छीन ली जाएगी. ये लोग विकास को बांधकर रखना चाहते हैं और अपनी सत्ता को बचाकर रखना चाहते हैं. उन्होंने 70 साल से जो भ्रष्टाचार किया है, उसको चालू रखना चाहते हैं. कश्मीर में परिवारवाद चला रही नेकां व पीडीपी जैसी पार्टियों ने जानबूझकर दो तिहाई कश्मीर की उपेक्षा की. जम्मू व लद्दाख के साथ सौतेला बर्ताव किया गया.

    इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के प्रोजेक्ट श्रीनगर क्षेत्र तक ही सीमित रखे गए. बगैर किसी के रक्षा व समूचे क्षेत्र का विकास होगा. अमित शाह ने अपने संबोधन से पाकिस्तान और चीन को सख्त संदेश दे दिया है. भारत विरोधी गतिविधियां और आतंकवाद चलाने वाले पाक को भी समझ में आ जाएगा कि भारत सरकार अब कश्मीर में उनकी शरारते नहीं चलने देगी. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संतुलित विकास और देश के साथ उसके अटूट संबंध में कोई बाधा आने नहीं दी जाएगी.