बेरोकटोक जारी है धर्मांतरण

    केंद्र और यूपी में बीजेपी की सरकार तथा धर्मांतरण विरोधी कानून होने के बावजूद धर्मांतरण कराने वाला गिरोह सक्रिय है जो बहला-फुसलाकर, झूठे प्रेमजाल में फंसाकर या नौकरी का प्रलोभन देकर इस करतूत को अंजाम देता है. इसके पीछे भारत विरोधी बाहरी ताकतें सक्रिय हैं जो ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों को बढ़ावा देती हैं और फंडिंग करती हैं. धर्मांतरण मामले में मौलवी उमर गौतम व जहांगीर से यूपी एटीएस पूछताछ कर रही है.

    जांच में पता चला है कि इस रैकेट ने अब तक 1000 से ज्यादा लोगों का धर्मांतरण करवाया. इनमें से 112 लोग यूपी के हैं. नोएडा की डेफ सोसाइटी के 18 बधिर छात्रों का धर्मांतरण कर उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया. हिंदुओं को मुस्लिम बनाने वाला यह रैकेट दिल्ली से लखनऊ तक फैला है. लवजिहाद के जरिए हिंदू युवतियों का धर्मांतरण कर उनसे निकाह किए जाने के मामले सामने आए हैं.

    भारत के अलावा विदेश में भी कई लोगों का धर्मांतरण एक बड़ी मुहिम के तहत कराया जाता है. गरीब व दिमागी तौर पर कमजोर लोगों को गिरोह अपना निशाना बनाता है. कुछ बेरोजगार धन या नौकरी के प्रलोभन में आकर उनका शिकार बन जाते हैं. धर्मांतरण रैकेट के तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई व आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से भी जुड़े हैं. यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि आतंकवादी अपने स्लीपर सेल बनाने के लिए धर्मांतरित व्यक्तियों का उपयोग करते हैं. उनका एक मकसद सांप्रदायिक उपद्रव फैलाना भी है.