Bharat Jodo Yatra
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    रुस्तमपुर: केंद्र और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), दोनों ही जगहों पर सत्ता से दूर कांग्रेस भले ही दावा कर रही हो कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की अगुवाई वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ (Bharat Jodo Yatra) का चुनावी राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, बीजेपी शासित सूबे के कई मतदाता इसे चुनाव से जोड़कर भी देख रहे हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ बृहस्पतिवार सुबह जब मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के रुस्तमपुर गांव (Rustampur village) से गुजरी, तब किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली एक बुजुर्ग महिला ने राहुल को सुझाव दिया कि अगर वह चाहते हैं कि राज्य में सालभर बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की सरकार बने तो उन्हें किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा कर देनी चाहिए।  

    अनीता महाजन (63) ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “मैंने राहुल गांधी से कहा कि अगर वह किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा करते हैं तो राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बिल्कुल बनेगी।” महाजन ने राहुल को रासायनिक खाद और रसोई गैस के दाम घटवाने के साथ विधवाओं की सरकारी पेंशन बढ़वाने के प्रयास करने का सुझाव भी दिया।

    गौरतलब है कि 2018 में मध्य प्रदेश में हुए पिछले विधानसभा चुनावों से पहले, राहुल ने राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। इस घोषणा का किसान मतदाताओं के बीच खासा असर देखा गया था और कांग्रेस 15 साल के लंबे अंतराल के बाद सूबे की सत्ता में लौटी थी। हालांकि, ज्योतिरादित्य सिंधिया की सरपरस्ती में कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार का 20 मार्च 2020 को पतन हो गया था।

    कमलनाथ सरकार के गिरने के बाद बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में 23 मार्च 2020 को सूबे में एक बार फिर सरकार बनाई थी। इस बीच, बृहस्पतिवार को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का अलग रंग नजर आया, जब खंडवा जिले में पैदल चलने के दौरान राहुल अचानक रुक गए और आदिवासियों के एक समूह से मुलाकात के बाद उनसे तीर-कमान लेकर तीरंदाजी का लुत्फ लेने लगे।

    राहुल ने पारंपरिक रूप से सजे धनुष से न केवल खुद तीर चलाए, बल्कि अपने साथ चल रहीं बहन प्रियंका गांधी वाड्रा, जीजा रॉबर्ट वाड्रा और भांजे रेहान के साथ ही दिग्विजय सिंह और अन्य पार्टी नेताओं से भी तीर चलवाए। राहुल की अगुवाई वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 23 नवंबर को बुरहानपुर जिले के रास्ते महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश में दाखिल हुई थी। चार दिसंबर को राजस्थान में प्रवेश करने से पहले यह यात्रा 12 दिन के भीतर पश्चिमी मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में 380 किलोमीटर का फासला तय करेगी।