जिले में ‘सारी’ नामक बीमारी का प्रवेश – स्वास्थ्य विभाग ने की देखभाल की अपील

  • बीमारी के लक्षण कोरोना के समान-डा.चौहान

अकोला. बीते मार्च माह से अकोला जिले में नागरिकों पर कोरोना महामारी का संकट छाया हुआ है. उस पर जिले के कुछ क्षेत्रों में सारी नामक बीमारी का प्रकोप होकर इस बीमारी से अब तक 102 मरीजों की मौत होने की जानकारी मिली है. इस बीच नागरिकों से कोरोना जैसे ही लक्षणों वाली सारी नामक बीमारी से बचने हेतु देखभाल की अपील स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गयी है. जिले में इस वक्त कोरोना का प्रसार कम पाया जा रहा है. वैद्यकीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सारी यह रोग न होकर यह लक्षणों को दिया गया नाम है. यह बैक्टेरिया वायरस के कारण होनेवाली बीमारी है.

अचानक सर्दी होना, अधिक तेज बुखार, बहुत कमजोरी महसूस होना, न्यूमोनिया, श्वसन दाह, छाती का दर्द, रक्त शुद्धीकरण क्षमता कम होना आदि सारी के लक्षण हैं. छोटे बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, कम प्रतिकार शक्ति वाले व्यक्तियों, मधुमेह तथा हृदय रोगियों को इस बीमारी का अधिक जोखिम रहता है. परिवार के अन्य सदस्यों ने ऐसे लक्षण होने पर मरीजों की देखभाल करने की अपील स्वास्थ्य विभाग ने की है. 

जिला शल्य चिकित्सक डा.राजकुमार चौहान ने बताया कि औरंगाबाद और गडचिरोली में सारी के कारण (सिविअर अ‍ॅक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन्स) इस बीमारी का अकोला में प्रवेश हुआ है. जैसा कि कोरोना और सारी के लक्षण लगभग समान हैं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और हृदय रोगियों के लिए विशेष देखभाल की जानी चाहिए.