जिले में 4 किसान आत्महत्या; मोर्शी, वरुड, धारणी में अलग अलग घटनाएं

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अमरावती. हमेशा ही संकट के दौर से गुजरते किसानों के आत्महत्याओं का सिलसिला कई वर्षों से जारी है. अब तक की सभी तरह की सरकारें इस पर अंकुश लगाने में असफल साबित हुई है. जिले के मोर्शी, धारणी तहसील में 3 आत्महत्या की घटनाएं सोमवार 27 मार्च को उजागर हुई है. जबकि 1 खुदकुशी की घटना दो दिनों पहले शनिवार 25 मार्च को वरुड तहसील के शेंदुरजनाघाट में हुई है. 

मोर्शी में 2 किसानों ने लगाई फांसी

तहसील के अडगांव में रमण अशोकराव जयस्वाल (34) ने खेत के नीम के पेड को फांसी लगाकर आत्महत्या करने की घटना सोमवार को उजागर हुई. शिरखेड थानांतर्गत हुई इस घटना में रमण अपी बाइक से किराणा लाने चांदूर बाजार गया था. लौटते समय रात में उसने गोवर्धन फरतोडे के खेत में जाकर नीम के पेड से फांसी लगा ली. वृद्ध माता पिता तथा पांच दिनों पूर्व दुर्घटनाग्रस्त भाई आदि परिवार का खर्च रमण एक –डेढ एकर खेत पर करता था. जिससे वह काफी परेशान था.

मोर्शी में ही शिरखेड पुलिस स्टेशन अंतर्गत एक अन्य घटना में सावरखेड के किसान मधुकर देविदासराव निचित (61) ने कर्ज से तंग आकर खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसी प्रकार वरुड तहसील के शेंदुरजनाघाट में किसान विलास नामदेव पोहरकर (48, मलमछावली परिसर, शेंदुरजना घाट) ने खेत के कुएं में कूदकर खुदकुशी की. 

धारणी के साद्राबाडी में झूला किसान 

साद्राबाडी निवासी किसान शंकरलाल दादु जांबेकर (55) ने कर्ज से परेशान होकर पेड़ को रस्सी लगाकर फांसी लेकर आत्महत्या कर ली. शंकरलाल पर 1 लाख 95 हजार रुपए का बैंक का कर्ज था. इसी कर्ज को लेकर हमेशा परेशान रहता था. 27 मार्च की दोपहर उसने पेड को रस्सी लगाकर फांसी ले ली. सूचना पर धारणी पुलिस घटनास्थल पहुंची. पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है.