Most corruption happened in Maharashtra during Corona period: Sanjay Kenekar

    औरंगाबाद : राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) का राजनीति (Politics) में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए जिस तरह अपने क्षेत्र में स्थित बीडीडी सरकारी चाल (BDD Government Move) में रहनेवाले नागरिकों (Citizens) के लिए निर्णय लिया गया, उसी तरह का निर्णय शहर (Decision City) के लेबर कॉलोनी (Labor Colony) के 200 परिवारों के लिए लेने की मांग बीजेपी शहरा अध्यक्ष संजय केणेकर (BJP City President Sanjay Kenekar) ने आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में की। 

    उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की ठाकरे सरकार मुंबई और औरंगाबाद के नागरिकों के साथ अलग-अलग न्याय कर रही है। असलियत में सुप्रीम कोर्ट का परिणाम देश के सभी सरकारी निवास स्थान के लिए लागू होता है। इसके बावजूद उस निर्णय को कानून में रणनीतिक फैसले लेकर कानून को दरकिनार किया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ लोगों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश नुसार अमलीजामा पहना कर घर खाली कराकर लिए जा रहे है। शहरा अध्यक्ष केणेकर ने जिला प्रशासन और सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि सुप्रीम कोर्ट ने दिया हुआ निर्णय बीडीडी चाल के लिए क्या लागू नहीं होता था? सिर्फ आदित्य ठाकरे के निर्वाचन क्षेत्र के लिए वहां के सरकारी निवास में रहनेवाले नागरिकों के पुर्नवास का निर्णय लिया गया। 

    तत्कालीन मुख्यमंत्रियों ने उसी स्थान पर पुनर्वास के लिए पत्र दिया था 

    एक सवाल के जवाब में बीजेपी शहरा अध्यक्ष संजय केणेकर ने बताया कि शहर के लेबर कालोनी के सरकारी निवास स्थान के पुनर्वास का प्रशन गत 35 सालों से प्रलंबित है। बल्कि, प्रशासन ने इस ओर पूरी तरह अनदेखी की है। इसी दरमियान राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख और अशोक चव्हाण ने उसी स्थान पर लेबर कालोनी में रहनेवाले 200 परिवारों का पुनर्वास करने को लेकर जिला प्रशासन को पत्र दिया था। केणेकर ने बताया कि राज्य के और  शहरों में स्थित लेबर कालोनी के मकान वहां रहनेवाले नागरिकों के नाम पर किए हुए है। सिर्फ इस संभाग के तत्कालीन विभागीय कमिश्नर की लापरवाही और गलत भूमिका से आज वहां रहनेवाले नागरिक रविवार को बेघर होने वाले है। केणेकर ने जिला प्रशासन से मांग की कि लेबर कालोनी के इमारते तोडऩे से पूर्व वहां रहनेवाले 200 परिवारों के पुनर्वास का जिला प्रशासन शनिवार शाम तक निर्णय ले। 

    कानून हाथ में ना ले नागरिक 

    अंत में केणेकर ने लेबर कालोनी के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे घर तोड़ने पर कानून हाथ में ना ले। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त इमारतों को तोड़ने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सभी आदर करते हुए जिला प्रशासन को इमारते हटाने के कार्रवाई में सहयोग करने की अपील बीजेपी शहर अध्यक्ष संजय केणेकर ने की।