औरंगाबाद में शिवसेना ने लगाया आरोप, कहा- BJP से अधिकारियों की मिलीभगत के कारण हो रही पेयजल की कृत्रिम कमी

    औरंगाबाद : शहर को पेयजल आपूर्ति (Drinking Water Supply) करने वाले बांध (Dam) में पानी का स्टॉक (Stock) बड़े पैमाने पर है। यह बात अलग है कि शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाली पाईप लाईन जर्जर (Pipe Line Dilapidated) हो चुकी है। अचानक शहर में पानी की किल्लत (Shortage) क्यों हो रही है? इस पर शिवसेना पदाधिकारियों (Shiv Sena Office Bearers) ने कई सवाल उपस्थित कर महानगरपालिका (Municipal Corporation) के कुछ अधिकारियों की बीजेपी से सांठगांठ के चलते सिडको-हडको सहित शहर के कुछ इलाकों में पानी की कृत्रिम किल्लत (Artificial Shortage) निर्माण होने का आरोप महानगरपालिका प्रशासक आस्तिककुमार पांडेय (Administrator Astik Kumar Pandey) से मुलाकात के दौरान लगाया। 

    शहर के कुछ इलाकों में इन दिनों बड़े पैमाने पर पानी की किल्लत हो रही है। विशेषकर, सिडको-हडको में निर्माण हो रही पेयजल किल्लत पर शिवसेना पदाधिकारियों ने पार्टी के जिला प्रमुख और विधायक अंबादास दानवे के नेतृत्व में महानगरपालिका कमिश्नर आस्तिककुमार पांडेय से मुलाकात कर लंबी चर्चा की, चर्चा में विधायक दानवे ने बताया कि पानी के टंकी पर कार्यरत अधिकारी और कर्मचारियों में समन्वय न होने के कारण पेयजल किल्लत का औरंगाबाद वासियों को सामना करना पड़ रहा है। हर अधिकारी अपने-अपने वार्ड का विचार कर पेयजल आपूर्ति कर रहा है। सेना पदाधिकारियों ने बीते दिनों बीजेपी द्वारा पानी के टंकियों  के सामने आंदोलन के दरमियान कुछ कार्यकर्ता टंकी पर चढ़ने पर आश्चर्य जताते हुए इसके बाद टंकी क्षेत्र में सख्त निर्बेंध लागू करने की मांग की। साथ ही टंकी परिसर में पुलिस बल तैनात करना, तत्काल हर टंकी पर सीसीटीवी लगाना। पानी समस्या हल करने के लिए 11 महीने के लिए रिटायर्ड अधिकारी लिए जाए। लीकेज जैसे पूरी तरह बंद किए जाए। सभी टंकियों पर मीटर लगाए जाए। 

    नियोजन कर पेयजल आपूर्ति की गई तो समान पानी वितरण तय 

    शिवसेना पदाधिकारियों ने शहर में पानी की टंकिया भरते समय एंड से टेन तक की टंकिया भरने पर जोर दिया। शहर को तीन हिस्सों में बांटकर एक-एक हिस्से को पेयजल का वितरण किया गया तो शहर में पानी की किल्लत नहीं होगी। सेना पदाधिकारियों ने अधिकारियों द्वारा फोन रिसिव न करने और शहर में पानी वितरण का किसी प्रकार लेखा जोखा प्रशासन के पास न होने पर भी कड़ी नाराजगी जतायी। शिवसेना शहरा अध्यक्ष बालासाहाब थोरात ने सावंगी तालाब से पाईप लाईन कर शहर में पानी लाने की मांग की। उनका कहना था कि इससे शहर में 2 से 3 एमएलडी पानी बढ़ेगा। सेना ने  महानगरपालिका अधिकारी द्वारा पेयजल वितरण में राजनीति करने का आरोप भी लगाया। 

    पेयजल कर में की जाए 50 प्रतिशत कटौती 

    शहर की पेयजल समस्या हल करने के लिए कुछ सालों पूर्व हाथ में ली गई समानांतर योजना में शहरवासियों को हर दिन पेयजल आपूर्ति करने पर 4 हजार 50 रुपए कर वसूलने का निर्णय लिया गया था। समानांतर योजना तो रद्द हो चुकी है। शहर के नागरिकों को 5 से 7 दिन गैप देकर पेयजल आपूर्ति जारी है। ऐसे में प्रशासन ने तत्काल पेयजल कर में 50 प्रतिशत कटौती कर वह 4 हजार 50 रुपए के बजाए 2200 रुपए करने की मांग पूर्व मेयर नंदकुमार घोडेले और  शिवसेना नेता राजू वैद्य ने की। शहर के छावनी क्षेत्र में पिछले कई सालों से पेयजल की किल्लत न होने को लेकर वहां का आदर्श लेने की सलाह महानगरपालिका प्रशासन को दी। कई इलाकों में लोडशेडिंग के दरमियान पेयजल आपूर्ति किए जाने से नागरिकों को पानी न मिलने पर भी सेना पदाधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए महावितरण के साथ समन्वय कर जिस इलाके में जब बिजली रहेंगी, तब पेयजल आपूर्ति करने की मांग की। कुछ पदाधिकारियों ने लाइनमैन और प्लंबर के मिलीभगत से शहर में अवैध कनेक् शन का बोला बोला होने का आरोप लगाया। 

    जल्द पेयजल आपूर्ति समस्याओं का निराकरण – प्रशासक पांडेय का आश्वासन 

    शिवसेना पदाधिकारियों ने द्वारा शहर के कुछ इलाकों में हो रही पेयजल किल्लत पर कई प्रशन उपस्थित करने के बाद प्रशासक पांडेय ने माना कि गत डेढ़ महीने से शहर के कुछ इलाकों में पानी की किल्लत हो रही है। गत 4 साल से ग्रीष्मकालीन मौसम में कुछ इलाकों में पेयजल समस्या बरकरार है। वहीं हाल इस साल भी है। उन्होंने कहा कि जनता ने दो महीने प्रशासन को सहकार्य करना चाहिए। क्योंकि, शहर को पेयजल आपूर्ति करनेवाली पाईप लाईन जर्जर हो चुकी है। जिसके चलते जायकवाडी बांध से अधिक पानी लाना मुश्किल है। पाईप लाईन पर बोझ डाला गया तो वह बस्ट हो सकती है। ऐसे में पुरानी पाईप लाईन पर बोझ डालना असंभव है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही हर्सूल तालाब से 5 के बजाए 10 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि इसके आगे जो भी पानी के लिए आंदोलन करते समय जो भी टंकी पर चढ़ेगा, उस पर फौजदारी कार्रवाई की जाएगी। पांडेय शहर में निर्माण पेयजल की किल्लत को दूर करने कई सख्त निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर विधायक अंबादास दानवे के अलावा पूर्व मेयर नंदकुमार घोडेले, पूर्व सभापति राजू वैद्य, विजय वाघचौरे, बालासाहाब थोरात, विकास जैन, किशनचंद तनवानी, त्रिबंक तुपे, सीताराम सुरे, प्रतिभा जगताप, कला ओझा, सचिन खैरे आदि उपस्थित थे।