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  • जेल में आधे से अधिक युवा कैदी

भंडारा. बढ़ती बेरोजगारी, व्यसन के कारण विवाद, खेती के विवादों में गंभीर हमलों के मामले, साथ ही साथ बाल यौन शोषण के तहत जिला जेल में वर्तमान में 253 कैदी है. इसमें आधे से अधिक कैदी युवा है. जिले के विभाजन के बाद, चूंकि गोंदिया में अभी भी कोई जेल नहीं है, इसलिए वहां के कैदियों को भी भंडारा जेल में रखा जाता है.

अब अदालत के त्वरित कामकाज व सरकार के नए निर्देशों के कारण, जिला जेल में कैदियों की संख्या में काफी कमी आई है. राज्य में पैदा हुए कोरोना संक्रमण के कारण मामूली अपराध के कैदियों को रिहा किया जा रहा है. राज्य की जेल में कैदियों की संख्या न केवल राज्य में बल्कि जिले में भी कम हो गई है. वर्तमान में जिला जेल में एक भी महिला कैदी नहीं है.

वहीं, 6 कैदियों को पैरोल पर रिहा किया गया है. न्यायिक कैदी 128 पुरुष व 3 महिला सहित कुल 131 अपराधी है. सजा पाने वालों में 10 पुरुष हैं, हत्या के मामले में 107 पुरुष व 4 महिला सहित  111 कैदी जिला जेल में है. महिला अत्याचार, हत्या एवं बाल लैगिंक अत्याचार की घटना के आरोपियों की अधिक संख्या होने का दिखाई दे रहा है. जिला जेल में 138 पुरुष एवं 5 महिलाओं की क्षमता है. इसमें भी सबसे अधिक कैदी गोंदिया जिले के है. गंभीर अपराध के कैदियों को नागपुर भेजा जाता है. 

गोंदिया के कैदियों का प्रमाण अधिक

जिले के विभाजन के बाद, गोंदिया में अभी तक कोई जेल नहीं बनाई गई है. इसके कारण गोंदिया जिले के कैदियों को सीधे भंडारा में लाया जाता है. ज्यादातर कैदी गोंदिया जिले के है. गोंदिया में एक जेल का निर्माण चल रहा है. 

एक भी महिला कैदी नहीं

जिला जेल में महिला कैदियों की क्षमता 5 है. लेकिन फिलहाल महिलाओं का प्रमाण नगण्य है. सजा काटने वाली एक भी महिला कैदी नहीं है. और 7 न्यायिक कैदी महिला जेल में है. 

महिला अत्याचार के अधिक आरोपी

जिला जेल में महिला अत्याचार व बाल यौन शोषण के खिलाफ अत्याचार के अपराध के लिए अधिक कैदी है. पैसों के लिए जानलेवा हमले करने व छोटे कारणों से जान से मारने की धमकी देने के ऐसे मामलों के आरोपियों की संख्या भी अधिक है. हत्या के मामले में कैदियों की संख्या भी बड़ी है. ऐसे कैदी भी हैं जो खेती से जुड़े विवाद व पैसों के विवाद से आते है.