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  • सूरज की तपिश का मजा लेते रहे लोग

चंद्रपुर: बदली का मौसम छंटते ही समूचा विदर्भ शीतलहर के चपेट में है. चंद्रपुर जिले में पिछले 24 घंटे में -2.6 डिसे पारा गिरा जिससे आज सोमवार की रात हाड़ कंपकंपाने वाली ठंड महसूस की गई. तड़के इतनी जबरदस्त ठंड थी कि रोजाना मार्निंग वॉक को निकलनेवालों की संख्या में एकदम कमी महसूस की गई. रविवार को जहां एक ओर न्यूतनम तापमान 12.6 डिसे था जो गिरकर एकदम 10 डिसे पर आ गया है.

दिसंबर के मध्य में हुई हलकी बारिश और बदली भरे वातावरण के चलते मौसम की स्थिति स्थिर बनी हुई थी. मौसम विभाग ने बादलों के छंटने के बाद जोरदार ठंड पड़ने का जो अनुमान लगाया था वह सटीक साबित हुआ है. पिछले दो दिनों से जिले भर में जोरदार ठंड पड़ रही है. पारा लगातार गिरने लगा है.

पिछले चौबीस घंटे में विदर्भ में सबसे कम तापमान यवतमाल और गोंदिया इन दोनों जिलों में 7 डिसे दर्ज हुआ है जबकि नागपुर में  8.4 डिसे अकोला में 9.6 डिसे, वर्धा में 9.8 डिसे, चंद्रपुर में 10 डिसे, अमरावती में 11.1, बुलढाणा 11.4 डिसे, ब्रम्हपुरी  10.3 डिसे, गडचिरोली  10.4 डिसे, वाशिम 10  डिसे दर्ज  हुआ है.

चंद्रपुर जिले में इससे पूर्व नवंबर के शुरूआत में न्यूनतम तापमान 8.2 दर्ज किया गया था. परंतु चार दिन कड़ाके ठंड पडने के बाद फिर से न्यूनतम तापमान में वृध्दि होकर यह 19 डिसे से ऊपर पहुंच गया था. इस वर्ष जिस तरह से औसतन वर्षा हुई उससे इस वर्ष ठंड कही भी नजर नहीं आ रही थी परंतु विगत दिनों हुई बैमौसम बारिश के चलते पारा नीचे आ गिरा जिसके चलते काफी ठंड बढ गई है. वर्तमान में शीतलहर को देखते हुए आनेवाले दिनों में जोरदार ठंड पड़ने की संभावना मौसम विभाग ने जतायी है.

सर्दियों का मौसम आमतौर पर सितंबर के अंत से शुरू हो जाता है और जनवरी आते आते यह अपने चरम होता है परंतु इस वर्ष बीते 3 माह में कही भी ठंड का अनुभव नहीं हो रहा था परंतु विगत दो दिनों से मौसम में आये अचानक बदलाव से पूरे देश भर में शीतलहर जारी है और पारा दिनोदिन गिरता जा रहा है.

जहां तक चंद्रपुर जिले की बात है यह क्षेत्र उष्ण कटिबंध क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, भौगोलिक दृष्टि से चंद्रपुर को हमेशा गर्म क्षेत्र के रूप में माना गया है यहां जिस अंदाज में गर्मी पड़ती है उससे गर्मी के सारे रिकार्ड टूट जाने का अंदेशा बना रहता है. जबकि यहां ठंड का मौसम आमतौर पर सीमित समय तक रहता है, देश के अन्य क्षेत्रों के मुकाबले यहां ठंड का मौसम चंद दिनों तक ही रहता है यहां ठंड के दिनों में औसतन तापमान 11.6 डिग्री सेल्सिअस रहता है.

जिले में महानगर समेत अधिकांश तहसीलों में उद्योगों, कोयला खदानों की वजह से ठंड के मौसम में ठंड ना के बराबर ही महसूस होती है. जबकि वनों के घिरी तहसीलों में ठंड का असर अधिक रहता है. इस बार महानगर में भी बड़े पैमाने पर प्रदूषण के बावजूद ठंड अपना असर दिखा रही है ऐसे में ग्रामीण अंचल विशेषकर घने वनों से घिरे ग्रामों में जबरदस्त ठंड पड़ रही है. ग्रामों में ठंड से बचने के लिए लोग सुबह और शाम अलाव जला रहे है.

देर शाम और सुबह के समय घर के आंगन और चौराहों, चाय टपरी के आसपास अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते हुए लोग नजर आने लगे है. सार्वजनिक स्थानों पर अक्सर आसपास पड़ा कचरा जलाकर आग सेंकी जाती है. देर रात होते ही रात 9 से 12 के बीच शहर के अंदरूनी इलाकों, पानठेलों, चायटपरी एवं सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाकर दिन की गतिविधियों, राजनीति, सिनेमा और क्रिकेट पर चर्चा करते लोग नजर आ रहे है. रात 9 बजने के बाद से सड़कें सुनी होनी लगी  है.