शुरू होने से पहले ही 24 घंटे में रद्द हुआ ‘मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण अभियान’

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नवभारत डिजिटल डेस्क: हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक, ‘मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण’ अभियान लागू होने के पहले ही रद्द हुआ है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि महिलाओं को संगठित करने, प्रशिक्षण देने, स्वावलंबन बनाने, महिलाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं को सफल तरीके से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण’ 2 अक्टूबर 2023 से लागू होने वाला था, जो 1 अक्टूबर 2024 तक चलने वाला था। 

रद्द हुआ अभियान 

इस अभियान को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार के मार्गदर्शन में प्रभावी ढंग से लागू किया जाना था। लेकिन इस फैसले को पहले 24 घंटों में ही रद्द कर दिया गया है। आपको बता दें कि ‘शासन आपल्या दारी’ इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण’ अभियान को लागू करने का निर्णय सरकार ने बुधवार 20 सितंबर को लिया, लेकिन 24 घंटे के अंदर सरकार का यह फैसला रद्द कर दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय से ही इस फैसले को रद्द करने का आदेश दिया गया है। 

इस वजह से रद्द हुआ अभियान 

दरअसल ‘मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण’ अभियान में कुछ बदलाव किये जाने थे और इस अभियान को लेकर शुद्धि पत्र जारी किया जाना था, लेकिन मुख्यमंत्री और बाल विकास मंत्री के गणेशोत्सव में व्यस्त होने के कारण सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से इस फैसले को रद्द कर दिया गया है। 

पढ़े क्या थे इस अभियान के उद्देश्य 

इस अभियान के तहत महाराष्ट्र के सभी जिलों में महिला स्वयं सहायता समूहों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देना, विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए उनकी पात्रता की जांच कर लाभार्थी महिलाओं की सूची तैयार करना, संबंधितों से आवेदन भरवाकर उन्हें लाभान्वित करना है। योजनाएं, और इस योजना के माध्यम से पूरे जिले के मिलकर ढाई लाख महिलाओं को जोड़ना। तालुका स्तर पर 30,000 महिलाओं और प्रत्येक गांव में 200 महिलाओं को अभियान में शामिल किया जाएगा। ऐसा इस अभियान का उद्देश्य था, लेकिन किसी कारणवश इस फैसले को रद्द कर दिया गया है।