Digital Schools no electricity in 109 schools of the district

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  • ऑनलाइन उपस्थिति कैसे दर्ज करें?

यवतमाल. प्रतिस्पर्धा के युग में जिला परिषद स्कूलों के बच्चे अग्रणी रहें, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा स्कूलों को डिजिटल किया गया है. स्कूल में विभिन्न गतिविधियाँ लागू की जा रही हैं. लेकिन आज भी कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. कहीं इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो कहीं बिजली की समस्या है. जिले में अभी भी 109 स्कूलों में बिजली नहीं पहुंचायी गयी है. ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि ऑनलाइन उपस्थिति कैसे दर्ज कराई जाए.

जिले में कहीं भी बच्चे शिक्षा से वंचित न रहें, इसके लिए बड़ी संख्या में विद्यालय स्थापित किये गये हैं. तदनुसार, जिले में कुल 3346 स्कूल हैं जैसे जिला परिषद के 2109, सरकारी 147, निजी सहायता प्राप्त 702 और गैर सहायता प्राप्त 389 स्कूलों का समावेश है.  विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन स्कूलों का निर्माण किया गया है. इसके अलावा, प्रतिस्पर्धा के युग में जिला परिषद स्कूलों के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए, प्रशासन ने स्कूलों के डिजिटलीकरण की नीति की योजना बनाई है.

तदनुसार, आज कई स्कूल डिजिटल हो गए हैं. वहीं दूसरी ओर, स्थानीय जिला प्रशासन और सक्रिय शिक्षकों के साथ-साथ जिला परिषद भी स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ लागू कर रही है. जिले के कई जिला परिषद स्कूल आज उपेक्षित हैं और उनमें भौतिक सुविधाओं का अभाव है. जहां कंप्यूटर नहीं है, जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है और जहां बिजली की समस्या शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों की पढ़ाई में बाधक बन रही है. अब स्कूल प्रशासन ने एक दिसंबर से छात्रों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज कराने के निर्देश शिक्षकों को दिये हैं. इससे शिक्षकों के सामने बिजली व इंटरनेट सुविधा नहीं होने पर ऑनलाइन उपस्थिति कैसे दर्ज करायी जाये, यह सवाल खड़ा हो गया है.

जिले के 28 स्कूलों की काट दी गई बिजली 

जिले में बिजली की कमी के कारण स्कूल डिजिटल नीति विफल हो रही है. विभिन्न कारणों से 28 जिला परिषद स्कूलों को स्थायी और अस्थायी रूप से काट दिया गया है. इसमें कुल 4 स्कूल हैं जो दारव्हा उप-विभाजन के अंतर्गत आते हैं. जबकि पांढरकवड़ा सब-डिवीजन में 5 स्कूल, पुसद सब-डिवीजन में 13 स्कूल और यवतमाल डिविजन में 6 स्कूल हैं. इनमें से 11 स्कूलों का कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिया गया है. बिजली आपूर्ति कार्यालय ने जानकारी दी है कि विभिन्न कारणों से 17 स्कूलों की बिजली अस्थायी तौर पर काट दी गयी है.

स्कूल में इंटरनेट और कंप्यूटर सिस्टम के अभाव में शिक्षकों को विभिन्न ऐप और वेबसाइटों पर जानकारी भरने के लिए कहा जाता है, वहीं दूसरी ओर मांगी गई जानकारी ऑफलाइन भी मांगी जाती है, ऐसे में स्कूल प्रिंसिपल के साथ-साथ शिक्षकों के सामने ज्ञानार्जन का कार्य कैसे करें यह सवाल भी अब उठने लगे है.

तालुका            बिजली नहीं         बिजली         कुल स्कूल

आर्णी              118                  01                119

बाभुलगांव  93                   02                  95

दारव्हा            135                    00                135

दिग्रस              86                  03                  89

घाटजी`           125                 14                139

कलंब                119                 04                123

महागांव          128                19                  147

मारेगांव            99                05                  104

नेर                   88                05                    93

पांढरकवाड़ा      135               00                  135

पुसद              207                 12                  219

रालेगांव           115               04                  119

उमरखेड़           155               22                  177

वणी                 139                01        140

यवतमाल       151             07        158

झरी जामणी   107               10                       117

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कुल              2000             109                         2109