67 एसटी कर्मियों ने वेतन वृद्धि स्वीकारी, 389 अब भी हडताल पर

    गोंदिया. रापनि कर्मचारियों की हडताल से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है. ऐसे में कर्मचारियों से काम पर लौटने का आव्हान किया गया था लेकिन आदेश को न मानते हुए कर्मी अपनी मांगों पर कायम रहे.

    जिस पर प्रशासन ने उन पर कार्रवाई भी की लेकिन कर्मी कुछ सुनने की मानसिकता में नहीं होने से वेतन वृध्दि की गई. वेतन वृध्दि का यह प्रयोग कुछ प्रमाण में सफल रहा क्योंकि इसके बाद कर्मचारी काम पर लौटने लगे है. कुछ कर्मियों ने वेतन वृध्दि स्वीकार कर ली व काम पर आ गए है.

    पिछले महिने भर से एसटी कर्मचारियों की हडताल के कारण  लोगों को निजी यात्री वाहनों का सहारा लेकर  अधिक खर्च कर यात्रा करनी पड रही है. लेकिन एसटी का सफर किफायती व सुरक्षित होने से उसे ही प्राथमिकता दी जाती है. माह भर से बस फेरियां बंद होने से  पर्यायी व्यवस्था के रुप में निजी वाहनों से यात्रा करनी पड रही है. 

    रापनि कर्मचारियों की हडताल से लोगों को  भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है. यातायात व्यवस्था सुचारु करने के लिए  कर्मचारियों से काम पर लौटने का आव्हान किया गया व वेतन वृध्दि की गई.   कुछ कर्मियों ने वेतन वृध्दि स्वीकार कर ली. जिले में रापनि के दो डिपो है इसमें  गोंदिया डिपो में कुल कर्मचारियों की संख्या 300 व तिरोडा डिपो में 156 कर्मी है.

    उसमें से गोंदिया डिपो में 40 कर्मचारी काम पर लौटे है वहीं तिरोडा डिपो में 27 कर्मचारी कार्यरत है. जिले में रापनि के कुल 456 है कर्मी है जिसमें से 67 काम पर लौटे है जबकि 389 कर्मी अब भी हडताल पर है. जिससे यह कहा जा सकता है कि काम पर लौटे 67 कर्मचारियों ने वेतन वृध्दि स्वीकार कर ली है.