मुंबई के उद्यानों में आयी बहार, लगने लगे मनमोहक और आकर्षक

  • लॉकडाउन में सुधरी स्थिति

मुंबई. कोरोना (Corona) की दूसरी लहर (Second Wave) के बीच लगे लॉकडाउन (Lockdown) में जब सभी काम बंद पड़े थे। लोकल ट्रेनों और वाहनों की आवाजाही थम गई थी उस दौरान बीएमसी (BMC) का उद्यान विभाग मुंबई के गार्डनों (Gardens) को मनमोहक बनाने लगा था। उपेक्षित हो चुके इन उद्यानों को आकर्षक बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा था। आज की स्थिति यह है कि उद्यानों को इतना खूबसूरत बना दिया गया है कि वहां से जाने का मन नहीं करता। 

लॉकडाउन के दौरान मुंबई के 15 बड़े उद्यानों में काम किया गया। यह उद्यान बड़े क्षेत्रफल वाले हैं। इनमें से शिल्पग्राम 15 एकड़ में फैला है। वडाला पूर्व का भक्तिपार्क उद्यान तो 25 एकड़ में फैला है। इन उद्यानों को अलग- अलग थीम पर बनाया गया है। जिसमें एक साथ हजारों लोग विजिट कर सकते हैं।

उद्यान में अनेक प्रकार की सुविधा उपलब्ध

उन्हीं उद्यानों में एक है मालाड स्थित आदर्श दुग्धालय रोड पर स्वर्गीय राजीव गांधी उद्यान। 13,380 वर्गमीटर में फैले इस उद्यान में अनेक प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यहां पर योगा केंद्र सेंटर है जहां नागरिक साधना करते हैं। जोगिंग ट्रैक, चारों तरफ संगीत यंत्र भी लगाए गए हैं। छोटे बच्चों को खेलने के लिए जगह और वरिष्ठ नागरिकों को गप्पा मारने अलग से बैठने का  स्थान बनाया गया है। व्यायाम के लिए भी उपकरण लगाए गए हैं। उद्यान में पीने का पानी और शौचालय की व्यवस्था भी की गई है। खासबात यह कि उद्यान को इस तरह से सजाया गया है कि पहुंचते ही मन प्रफुल्लित हो जाता है।

शहीद विजय सालसकर उद्यान भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना 

इसी तरह गोरेगांव पूर्व में बनाया गया शहीद विजय सालसकर उद्यान भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लॉकडाउन में सभी उद्यानों को बंद रखा गया है। अब उद्यानों को खोल दिया गया है। लेकिन इस बीच सजावट देख कर लोगों की खुशी दोगुनी हो गई है। इस उद्यान को 6000 वर्गमीटर में बनाया गया है। रंग विरंगे फूल और वनस्पतियों से इसकी सजावट की गई है। इस उद्यान में  प्रतिदिन 2 हजार नागरिक देखने आते हैं। यहां पर विभिन्न प्रकार के पशुओं जैसे हाथी, जिराफ , सिंह, बाघ, गैंडा, जिराफ की हूबहू प्रतिकृति लगाई गई है।

लॉकडाउन में उद्यानों पर बहुत मेहनत की गई। मुंबई में इस तरह के 200 उद्यान हैं जिनको नए सिरे से रिनोवेट किया गया है। 100 से अधिक उद्यानों में विभिन्न फूलों से सजाया गया है। आने वाले समय में मुंबई के सभी गार्डन अलग अंदाज में दिखेंगे।

-जितेंद्र परदेशी, उद्यान अधीक्षक, बीएमसी