कीचड़ से सना मानकापुर RUB; हर दिन दुर्घटना को बुलावा, वाहन चालक हलाकान

    नागपुर. केंद्रीय नितिन गडकरी के निर्देश पर हजारों नागरिकों की सहूलियत के लिए बनाया गया मानकापुर रेल अंडरब्रिज बारिश के दिनों में शहर का नया दुर्घटनास्थल बनने की ओर अग्रसर है. कुछ घंटों की बारिश में ही यहां भारी जलजमाव होने लगा है और अब पूरा अंडरब्रिज कीचड़ से सना हुआ है. इसके चलते यहां से गुजरने वाले दुपहिया चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

    जरा सी बारिश, 5 फीट पानी

    उल्लेखनीय है कि यह ब्रिज नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया(एनएचएआई) ने करोड़ों की लागत से बनाया है. केंद्रीय राजमार्ग और परिवहन मंत्री गडकरी के मार्गदर्शन में काम करने वाली यह संस्था यूं तो पूरे देश में अपने बेहतरीन काम से नाम कमा रही है लेकिन इन कामों का भविष्य मानकापुर अंडरब्रिज से समझा जा सकता है. कभी अंडरब्रिज उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग से बनाने का दावा करने वाली एनएचएआई का यह अंडरब्रिज जरा सी बारिश में 4 से 5 फीट तक लबालब हो जाता है. 

    जान जाने तक का खतरा

    बारिश के कारण अंडरब्रिज में इतना कीचड़ जमा हो गया है कि यदि कोई वाहन चालक या साइकिल चालक फिसलकर गिर गया तो उसकी जान तक जा सकती है. अंडरब्रिज के एक ओर पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ बनाया गया है लेकिन इसका किनारा काफी शार्प बनाया गया है. वाहन फिसलने से यदि कोई व्यक्ति इस पर गिरा तो गंभीर रूप से जख्मी होने के साथ ही उसकी जान जाने तक के खतरे इनकार नहीं किया जा सकता. अंडरब्रिज में इतना ज्यादा कीचड़ भर चुका है कि यहां से पैदल निकलना भी दूभर है. रही-सही कसर अंडरब्रिज में फैली बदबू पूरी कर देती है. 

    15,000 से अधिक नागरिक हो रहे प्रभावित

    ज्ञात हो कि उक्त अंडरब्रिज मध्य रेल नागपुर मंडल के तहत क्रॉसिंग 294 पर बनाया गया है. नागपुर-भोपाल फोरलेन नेशनल हाईवे बनने पर यहां ओवरब्रिज बनने से रेलवे क्रॉसिंग बंद कर दी गई. इससे बाबा फरीदनगर और क्रॉसिंग से कोराडी रोड की ओर रहने वाले 15,000 से अधिक नागरिकों को परेशानी शुरू हो गई. वजह थी हाईवे पर 6 किमी लंबा चक्कर लगाकर एक ओर से दूसरी ओर जाना. सबसे अधिक परेशानी स्कूली विद्यार्थियों थी जिनके वाहन लंबा फेरा लगकर उन्हें लाने और पहुंचाने जाते थे.

    इससे अतिरिक्त समय के साथ किराया भी अधिक लगने लगा. ऐसे में स्थानीय नागरिकों ने 150 दिनों तक क्रमबद्ध धरना आंदोलन कर अंडरब्रिज के लिए अनशन तक किया था. लोगों की मागं जायज होने के चलते स्वयं गडकरी भी मौके पर पहुंचे थे और रेलवे की ना-नुकर दूरकर अंडरब्रिज को मंजूरी दिलाई थी. एनएचएआई के माध्यम से हरियाणा की कंपनी को निर्माण सौंपा गया.

    जिस कछुआ गति से निर्माण हुआ, उतनी बुरी स्थित आज फिर दिखाई दे रही है. यहां भरे पानी और कीचड़ के कारण आंदोलन करने वाले नागरिक भी अपनी जान बचाने और सुविधा के लिए 6 किमी का चक्कर काटकर रेलवे क्रॉसिंग के दूसरी ओर आना-जाना कर रहे हैं. 

    • लंबाई : 65 मीटर
    • चौड़ाई : 5 मीटर
    • ऊंचाई : 2.5 मीटर