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नागपुर. एक व्यापारी को महानगर पालिका और नागपुर सुधार प्रन्यास की जमीनें लीज पर दिलाने के नाम पर 1 करोड़ 6 लाख रुपये का चूना लगाया गया. लंबी चली जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में दलालों सहित मनपा के 2 जूनियर इंजीनियरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोपियों में रहाटे कॉलोनी निवासी गोपाल भगवान गायकवाड़ (37), तिरुपतिनगर, कोराडी रोड निवासी राहुल हरिचंद्र बालबुधे (36), गजानन सोसाइटी, वाड़ी निवासी नीलेश सूर्यभान सांभारे (42), राउतनगर, खरबी निवासी रुपेश महादेव थुटे (38) और अशोकनगर, पांचपावली निवासी गोविंद रामा वाघमारे (51) का समावेश है.

गोल बाजार, गड्डीगोदाम निवासी संजय सुखदेव गुप्ता (54) किराणा व्यापारी है. उन्हें शहर में अपना व्यापार बढ़ाना था. इसीलिए जमीन की जरूरत थी. वो जमीन खरीदने या लीज पर लेने का विचार कर रहे थे. नवंबर 2020 में कृष्णा थोटे नामक परिचित व्यक्ति ने बताया कि गोविंद वाघमारे नामक दलाल उनकी मदद कर सकता है. गोविंद वाघमारे ने गोपाल गायकवाड़ की मदद से कलमना के मौजा चिखली देवास्थान में 2 एकड़ जमीन लीज पर दिलवाने की जानकारी दी.

गायकवाड़, राहुल गोविंद वाघमारे ने अन्य लोगों के साथ उनकी दूकान पर मुलाकात की. 1.50 करोड़ रुपये खर्च करने पर 99 वर्ष की लीज पर जमीन दिलवाने का झांसा दिया. इसके बाद उन्हें मनपा के धंतोली जोन के जूनियर इंजीनियर सांभारे और मंगलवारी जोन के रुपेश थुटे से मिलवाया. दोनों ने काम करवाने की हामी दी. समय-समय पर आरोपियों ने गुप्ता से 41 लाख रुपये लिए लेकिन जमीन नहीं मिली.

पूछताछ करने पर चिखली की जगह मौजा बाबुलखेड़ा के अंतर्गत रिंग रोड पर स्थित मनपा की 6,600 वर्ग फुट जमीन दिलवाने का झांसा दिया. दोबारा उनसे चालान भरने और अन्य कामों के लिए 28.10 लाख रुपये लिए गए. यहां भी उन्हें जमीन नहीं मिली. इसके बाद आरोपियों ने छावनी के नेलसन चौक पर स्थित 19,200 वर्ग फुट जगह दिलाने के नाम पर 37 लाख रुपये लिए गए. काफी दिन बीत जाने के बाद गुप्ता ने पूछताछ की तो आरोपियों ने उन्हें नजुल विभाग के तहसीलदार द्वारा हस्ताक्षरित और कलेक्टर कार्यालय का ठप्पा लगाकर लीज का कागज दिया.

जांच पड़ताल करने पर यह दस्तावेज फर्जी होने का पता चला. रकम वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करते रहे. परेशान होकर गुप्ता ने मामले की शिकायत पुलिस से करने की चेतावनी. जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें 7 लाख रुपये लौटाए लेकिन बाकी रकम पचा गए. आखिर गुप्ता ने प्रकरण की शिकायत सदर थाने में की. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और विविध धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है.