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    नागपुर. कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन की विदेशों में दहशत है. इस बीच कल्याण-डोंबीवली महानगर पालिका क्षेत्र में भी एक संदिग्ध के मिलने से पूरे राज्य में सतर्कता बरतने की हिदायत प्रशासकीय स्तर पर दी गई है. जिला अधिकारी आर.विमला ने भी जिले में सतर्कता के नाम पर कुछ पाबंदियों की घोषणा की. साथ ही जारी किए गए निर्देशों का पालन नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई. सोमवार को जारी नये दिशा निर्देशों के अनुसार आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, क्रीड़ा और मनोरंजन विषयक क्षेत्रों को नई शर्तों के अधीन शुरू रखने की अनुमति प्रदान की गई.

    दोनों डोज वालों को ही छूट

    जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किसी भी कार्यक्रम, दूकान, प्रतिष्ठान, मॉल्स, समारोह, सम्मेलन एवं अन्य आयोजन स्थलों का व्यवस्थापन करने वाले व्यक्तियों के वैक्सीनेशन के दोनों डोज पूरे होने चाहिए. साथ ही इन स्थानों पर केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जाएगा जिनका वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है. इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन सेवा में भी केवल दोनों डोज लिए व्यक्ति को ही अनुमति होगी. सरकार द्वारा दिए गए यूनिवर्सल पास या फिर वैक्सीनेशन पूरा होने पर मिलने वाला वैध प्रमाणपत्र भी परिवहन सेवा के दौरान वैध माना जाएगा. निर्देशों के अनुसार भले ही किसी आस्थापना, कार्यालय या निजी परिवहन सेवा में अन्य लोगों को प्रवेश न हों किंतु इन स्थानों पर ही वैक्सीनेशन के दोनों डोज वालों को ही अनुमति होगी.

    लोगों की उपस्थिति को लेकर शर्त

    • सिनेमाघर, नाट्यगृह, मंगल कार्यालय, सभागृह या बंद इमारतों में होनेवाले कार्यक्रम स्थान की क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों को ही उपस्थिति की अनुमति होगी. 
    • ओपन टू स्काई स्थलों पर होनेवाले कार्यक्रम या सम्मेलन और समारोह आदि में वहां की क्षमता की तुलना में 25 प्रतिशत को ही उपस्थित रहने की अनुमति होगी. यहां तक कि यदि ऐसे स्थलों की क्षमता निश्चित न हों तो ऐसे स्थलों की क्षमता तय करने का अधिकार नागपुर जिला आपत्ति व्यवस्थापन प्राधिकरण को होगा. 
    • उपस्थित रहने की संभावना हो तो इस संदर्भ में सर्वप्रथम जिला आपत्ति व्यवस्थापन प्राधिकरण को सूचना देना अनिवार्य होगा. यदि इन शर्तों का उल्लंघन पाया गया तो कार्यक्रम तुरंत बंद करने के आदेश दिए जा सकेंगे.

    …तो कड़ी होंगी पाबंदियां

    जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोविड नियमों का उल्लंघन होता पाया गया और कोरोना मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि पाई गई तो पाबंदियों और शर्तों को भी कड़ा किया जाएगा. जिले में किसी भी देश से आने वाले यात्रियों के वैक्सीनेशन के दोनों डोज पूरे होने चाहिए या 72 घंटों के भीतर का आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य होगा. 

    500 से 50,000 तक जुर्माना

    नये निर्देशों के अनुसार कोरोना के नियमों का पालन नहीं किए जाने पर किसी भी व्यक्ति को उस समय 500 रु. तक का जुर्माना ठोका जाएगा. आस्थापना और प्रतिष्ठानों को भी कोरोना नियमों का पालन सुनिश्चित करना है. अत: यदि संस्था, प्रतिष्ठान या आस्थापना में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो 10 हजार तक का जुर्माना होगा. इसके अलावा यदि किसी संस्था या आस्थापना द्वारा कार्य संचालन या कार्य पद्धति में लापरवाही बरती गई तो उनके खिलाफ 50 हजार रु. तक का जुर्माना ठोका जा सकेगा.