Super Specialty Hospital Nagpur
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  • दूसरा कैथलैब लगाने को मिली मंजूरी
  • जिला नियोजन समिति से मिलेंगे 6.25 करोड़

नागपुर. मध्य भारत में हृदय रोगियों का इलाज करने वाले एकमात्र सरकारी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के दूसरे कैथलैब की समस्या हल की जाएगी. जिला नियोजन समिति की 6.25 करोड़ रुपए की निधि से कैथलैब को मंजूरी दी गई. इसलिए अब जल्द ही इसकी खरीदी प्रक्रिया पूर्ण होगी. इससे नये वर्ष में हृदय रोगियों की उपचार क्षमता में दोगुना इजाफा होगा जिससे गरीब मरीजों को बहुत राहत मिल सकेगी.

मेडिकल के अंतर्गत संचालित सुपरस्पेशलिटी रुग्णालय को मध्य भारत में हृदय रोग उपचार का प्रमुख केन्द्र माना जाता है. यहां रोजाना भारी संख्या में उपचार कराने के लिए गरीब और जरूरतमंद लोग आते हैं लेकिन रोगियों की संख्या के अनुपात में यहां पर आधारभूत ढांचा मर्यादित है. इस कारण रोगियों को अपने उपचार के लिए अपने नंबर आने का इंतजार करना पड़ता है. प्रतीक्षा सूची लंबी होने का कारण यहां पर सिर्फ एक कैथलैब होना है. रोगियों की असुविधा दूर करने के लिए मेडिकल के अधिष्ठाता डॉ. सजल मित्रा यहां पर एक और कैथलैब के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे थे.

उन्होंने जिला नियोजन समिति की ओर से प्राप्त निधि से 6.15 करोड़ रुपए 2020-21 में कैथलैब यंत्र में खर्च करने का निर्णय सभी विभाग प्रमुखों की बैठक में लिया है. इस कारण जद ही हाफकिन से यह यंत्र खरीदने की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी. यह यंत्र आने से हृदय की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के साथ ही अन्य जांचें और प्रक्रिया करने का काम दोगुनी रफ्तार से किया जा सकेगा. इस बीच इस विभाग में स्नातकोत्तर विभाग में सीटें बढ़ने से डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ गई है. अब एक और यंत्र मिल जाने से बढ़े हुए डॉक्टरों को इसमें काम करने को मिलेगा. इस प्रकार यहां दोगुनी संख्या में उपचार होगा. इससे गरीब रोगियों को बहुत मदद मिलेगी.

मार्च-अप्रैल में शुरू होगा

मेडिकल के अधिष्ठाता डॉ. सजल मित्रा ने बताया कि सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में आने वाले बहुत सारे रोगी गरीब घरों के होते हैं. दूसरा कैथलैब यहां मार्च-अप्रैल तक आने पर रोगियों को समय पर उपचार मिल सकेगा. इससे उपचार की गुणवत्ता और डॉक्टरों की काम करने की क्षमता भी बढ़ेगी. इससे एक तो मरीजों को फायदा मिलेगा, साथ ही अध्ययनरत डॉक्टरों को भी हृदयरोग से संबंधित बीमारियों पर अच्छी तरह से  सीखने को मिलेगा.