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    पुणे. एक सब्जी विक्रेता को हनीट्रैप (Honey Trap) में फंसा कर उससे पांच लाख रुपए की फिरौती (Ransom) मांगे जाने की घटना पुणे (Pune) में सामने आई है। इस मामले में पुणे की हड़पसर पुलिस (Hadapsar Police) ने एक फ़र्ज़ी पत्रकार (Fake Journalist) सहित चार लोगों के गैंग पर शिकंजा कसा है। आरोपियों के पास सीबीआई अधिकारी का फ़र्ज़ी पहचान पत्र पुलिस (Police) को मिला है। आरोपी पत्रकार यू-ट्यूब न्यूज़ चैनल और संगठन के नाम पर ब्लैकमेल कर रहे थे।

    पुलिस ने इस मामले में शिव प्रहार संगठन के अनिल जगन्नाथ बोटे (34), महाराष्ट्र के प्रहार न्यूज़ के राहुल मच्छिंद्र हरपले (33), संतोष उर्फ़ शिवा उत्तम खरात (26), स्वप्निल विजय धोत्रे (24), मारुती लहू नीचित (39) नामक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में सब्जी विक्रेता  दिलीप मेमाने (38) ने हड़पसर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

    एक पब में हुई मुलाकात

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मेमाने का सब्जी बिक्री का धंधा है। उनकी पहचान के स्वप्निल धोत्रे ने 10 सितंबर को उन्हें फ़ोन कोरेगांव पार्क के एक पब में बुलाया। उन्हें  साथ लेकर राहुल और अन्य दो लड़कियों के साथ कोरेगांव पार्क के एक पब में गए। यहां पर अनिल बोटे पहले से मौजूद था। पब में आने के बाद एक लड़की ने शिकायतकर्ता के करीब आने का प्रयास किया। इसके बाद वहां से सभी चले गए। हालांकि लड़की मेमाने के साथ रुकी रही। उसने रास्ते में पाव भाजी खाई, इस दौरान उनके बीच नजदीकी बढ़ी। बाद में दोनों एक लॉज में गए वहां पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने।

    सिर पर कुर्सी से किया हमला

    दो दिन बाद 12 सितंबर को राहुल, अनिल, स्वप्निल और एक लड़की शिकायतकर्ता के दुकान पर आये। अनिल ने कहा कि तुमने उस लड़की के साथ बलात्कार किया है। हम तुम्हारे खिलाफ पुलिस के केस दर्ज कराएंगे। अगर शिकायत से बचना है तो पांच लाख रुपए दो। दूसरे दिन वह अनिल बोटे से इसी सिलसिले में मिलने के लिए हड़पसर के मेगा सेंटर गए। यहां पर पैसे नहीं ले जाने की वजह से बोटे ने उनके साथ गाली गलौज करते हुए उनके सिर पर कुर्सी दे मारी। आरोपी मारुती नीचित ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उसके खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज कराने और अपनी ताकत दिखाने की धमकी दी। घबराये शिकायतकर्ता घर आ गए। इसके बाद शिकायतकर्ता को स्वप्निल धोत्रे को फ़ोन कर बताया कि बोटे तुम्हारे खिलाफ केस दर्ज कराने लोणी कालभोर पुलिस स्टेशन गया है। जब यह देखने के लिए शिकायतकर्ता खुद पुलिस स्टेशन गए तब जाकर यह मामला सामने आया।