Shekhar Singh

पिंपरी: आगामी वित्त वर्ष के बजट (PCMC Budget) में किसी प्रकार की कर या दरवृद्धि नहीं की गई है। इसकी बजाय आय के उपलब्ध स्त्रोतों के सक्षमीकरण पर जोर देने की नीति अपनाई गई है। इस कड़ी में कर (Tax) या करों की दरों में बढ़ोतरी करने की बजाय संपत्तिकर निर्धारण के दायरे से बाहर रही और नई संपत्तियों का सर्वे कर उन्हें कर निर्धारण के दायरे में लाया जाएगा। इसी प्रकार से पानी बिल से मिलनेवाली आय को बढ़ाने के लिहाज से अवैध नल कनेक्शनों को खोज कर उन्हें नियमित करने और नियमितीकरण की प्रक्रिया को और सरल व सुलभ बनाई जा रही है।

पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के कमिश्नर और प्रशासक शेखर सिंह ने (PCMC Commissioner Shekhar Singh) संवाददाताओं के साथ की गई बातचीत में स्पष्ट किया कि वे कर या दरवृद्धि के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसकी बजाय नई संपत्तियों को खोजकर उन्हें संपत्ति कर के दायरे में लाया जाएगा। इसके लिए महानगरपालिका की ओर से सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे में संपत्ति या उसके इस्तेमाल में बदलाव, अतिरिक्त निर्माण आदि की जानकारी भी संकलित की जा रही है। इससे संपत्ति कर से मिलनेवाली आय में बढ़ोतरी होगी।

अवैध नल कनेक्शन नियमितीकरण की मुहिम भी शुरू 

इसके साथ ही संपत्ति कर और पानी बिल का एकत्रीकरण किया जा रहा है। इसके आगे से कर निर्धारण एवं कराधान विभाग की ओर से पानी बिल वसूल किया जाएगा। अवैध नल कनेक्शन नियमितीकरण की मुहिम भी शुरू की जा रही है। पानी आपूर्ति व्यवस्था के लीकेज को रोकने के प्रयास जारी हैं। 

पवना पाइपलाइन योजना के बारे में भी अहम घोषणा की

पिंपरी-चिंचवड शहरवासियों के अतिरिक्त पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए पहले चरण में आंद्रा डैम से पानी लाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत चिखली में जलशुद्धीकरण केंद्र का काम पूर्ण हो गया है। परोक्ष पानी लाने और उसके वितरण की अलग-अलग टेस्टिंग की जा रही है। अधिकांश टेस्टिंग पूरी हो चुकी है, कुछ टेस्टिंग बाकी है, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। इस जल योजना के तहत मार्च के अंत तक निघोजे तटबंध से पानी लेने की परोक्ष प्रक्रिया शुरू की जाएगी, यह जानकारी देते हुए महानगरपालिका कमिश्नर शेखर सिंह ने शहरवासियों के लिए महत्वपूर्ण और अधर में लटकी पवना पाइपलाइन योजना के बारे में भी अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को पूरा करने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर प्रयास जारी हैं। शहरवासियों के पानी की जरूरत और मावल के ग्रामीणों और किसानों के मसलों पर समन्वय साधकर और लोगों को यकीन में लेकर इस योजना का काम शुरू करने की कोशिश की जा रही है। इस मसले पर जल्द बैठक अपेक्षित है।