MNGL has given only 2 days to PMP, if the balance amount is not given, then the gas supply will be cut

    पुणे. पुणे महानगर परिवहन निगम को अब गैस आपूर्ति (Gas Supply) की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड (MNGL) ने चेतावनी दी है कि अगर उसने बकाया 52 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया तो वह गैस की आपूर्ति काट देगी। 

    इसके लिए एमएनजीएल ने पीएमपी (PMP) को सिर्फ दो दिन की मोहलत दी है। इस बीच पीएमपी ने पुणे (Pune) व पिंपरी (Pimpri) ऐसे दोनों महानगरपालिका के पास बकाया राशि की मांग की है। पीएमपी के सीएमडी राजेंद्र जगताप ने यह जानकारी दी। 

    CNG पर चलनेवाली कई बसें 

    पीएमपी के काफिले में सीएनजी से चलने वाली बारह सौ से ज्यादा बसें हैं। इसके लिए एमएनजीएल से गैस की आपूर्ति की जाती है। फिलहाल आपातकालीन सेवाओं में बसों में गैस की आपूर्ति की जा रही है। हालांकि, पीएमपी पर करोड़ों रुपये बकाया हैं। पीएमपी का पहिया वित्तीय गड्ढे में फंस गया है क्योंकि वर्तमान में यात्री परिवहन बंद होने से राजस्व में गिरावट आई है। गैस आपूर्ति बंद करने की चेतावनी देकर पीएमपी को दोहरी मार पड़ी है। गैस आपूर्ति बकाया के शीघ्र भुगतान के संबंध में एमएनजीएल पीएमपी प्रशासन के साथ लगातार पत्राचार कर रहा है, लेकिन इस राशि का भुगतान नहीं होने के कारण यह राशि दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। इसलिए एमएनजीएल ने बिलों का भुगतान होने तक सीएनजी की आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी है।

    अतिरिक्त धन की आवश्यकता

    इस बारे में पीएमपी के अध्यक्ष व सीएमडी डॉ. राजेंद्र जगताप ने कहा कि इस बीच पीएमपी को दोनों महापालिकाओं द्वारा संचालन घाटा दिया जाता है। दोनों मनपाओं के पास 300-350 करोड़ बकाए है। पिम्परी मनपा ने अप्रैल की भी राशि नहीं दी है, जबकि तय हुआ है कि प्रति माह राशि देनी चाहिए। जगताप के अनुसार, सिर्फ पुणे महानगरपालिका से राशि मिल रही है। वह भी प्रति माह सिर्फ 20 करोड़। हमारा प्रति माह का वेतन का खर्च 40 करोड़ का है। ऐसा चलता रहेगा तो हम वेतन भी नहीं कर सकेंगे। साथ ही अनलॉक के बाद हमने 600-700 बसें सड़कों पर लाई हैं। ज्यादा तर बसें सीएनजी पर चलनेवाली है। अगर गैस आपूर्ति बंद हो जाएगी तो सिर्फ 500 बसें चल पाएंगी। उससे पुणेकरों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा क्योंकि सोमवार से 1 लाख यात्री बढ़ चुके हैं। साथ ही टिकट दर न बढ़ने से पीएमपी की आय में भी इजाफा नहीं हो रहा है। 

    दोनों मनपाओं के पास 300-350 करोड़ बकाया है। सिर्फ पुणे महानगरपालिका से राशि मिल रही है। वह भी प्रति माह सिर्फ 20 करोड़। हमारा प्रति माह का वेतन का खर्च 40 करोड़ का है। ऐसा चलता रहेगा तो हम वेतन भी नहीं कर सकेंगे। साथ ही अनलॉक के बाद हमने 600-700 बसें सड़कों पर लाई हैं। ज्यादा तर बसें सीएनजी पर चलनेवाली है। अगर एमएनजीएल द्वारा गैस आपूर्ति बंद हो जाएगी तो सिर्फ 500 बसें चल पाएंगी। उससे पुणेकरों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

    -डॉ राजेंद्र जगताप, अध्यक्ष व सीएमडी, पीएमपी