Pune Municipal Corporation

    पुणे : पुणे महानगरपालिका (PMC) ने संपत्ति कर विभाग (Property Tax Department) के साथ पंजीकृत 36,000 सम्पत्तियों से करों में 195 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की है। प्रशासन को इस साल पिछले साल के रिकॉर्ड (Record) को तोड़ने की उम्मीद है। कोविड-19 ने विकास कार्यों को प्रभावित किया था जिसके परिणामस्वरूप पीएमसी के राजस्व में कमी आई थी। हालांकि इस साल पहले तीन महीने में 846 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया गया। यह आमदनी पिछले साल की तुलना से अधिक थी। 

    हालांकि पुणे महानगरपालिका प्रशासन पुरानी सम्पत्तियों की वसूली पर ध्यान दे रहा है, वहीं नवनिर्मित संपत्तियों को टैक्स लगाकर वसूलने का भी काम कर रहा है। इसके लिए प्रत्येक वार्ड कार्यालय के स्तर पर संपत्ति कर विभाग द्वारा एक टीम नियुक्त की गई है। 2019-20 में नए संपत्ति पंजीकरण की संख्या बढ़कर 38,968 हो गई है। 2020-21 में सबसे अधिक 47 हजार 666 संपत्तियों का पंजीयन हुआ और इनके माध्यम से 215 करोड़ 76 लाख रुपए की आय हुई। 2019-20 से पहले औसतन 25,000 संपत्तियों का पंजीकरण हो रहा था। कई इमारतों पर टैक्स नहीं लगने से करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा था। 

    36 हजार 866 नई संपत्तियों का पंजीयन 

    शहर 2021-22 में कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में आ गया था, लेकिन सरकार की ओर से स्टांप ड्यूटी, होम लोन पर ब्याज दरों में कमी की प्रक्रिया से घर खरीदारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर तक पुणे महानगरपालिका में 36 हजार 866 नई संपत्तियों का पंजीयन किया गया है। इससे 195.37 करोड़ रुपए जुड़ गए हैं। हालांकि कई फ्लैट बिक चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका पुणे महानगरपालिका में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है।

    रिकॉर्ड कमाई दर्ज की जाएगी

    पिछले वर्ष 47 हजार 666 नई संपत्तियां दर्ज की गई, जबकि मौजूदा वर्ष में अक्टूबर तक 36 हजार 866 संपत्तियां दर्ज की गयी। इस वित्तीय वर्ष को पूरा होने में अभी भी 5 महीने का समय है। संभावना जताई जा रही है कि इस दौरान रिकॉर्ड कमाई दर्ज की जाएगी। इसके अलावा,  विलास कनाडे, प्रमुख, संपत्ति कर विभाग ने नए बेचे गए फ्लैटों की संख्या निकट भविष्य में बढ़ने की उम्मीद है।