Bhiwandi Rain

    भिवंडी: तीन दिन से हो रही जोरदार बारिश (Heavy Rain) को देखते हुए कामावरी नदी (Kamavari River) सहित खाड़ी किनारे बसे गांवों में बाढ़ आने का खतरा दिखाई पड़ना शुरू है। भारी बरसात को देखते हुए जिला प्रशासन, भिवंडी तहसीलदार कार्यालय (Tehsildar Office) ने नदी और खाड़ी किनारे बसे हुए 52 गांवों में बाढ़ आने की संभावना व्यक्त की है। बाढ़ के कारण गांवों की 32 हजार से आबादी प्रभावित हो सकती है। जिला प्रशासन और तहसील कार्यालय ने सतर्कता दिखाते हुए बाद आपदा से निपटने की समस्त तैयारियां पूरी कर ली है। भिवंडी तहसीलदार अधिक पाटिल में नागरिकों से भयभीत नहीं होने की अपील की है।

    गौरतलब है कि भिवंडी ग्रामीण परिसर से होकर वैतरणा, भातसा, उल्हास और कामवारी नदी गुजरती है। उक्त नदियों के किनारे लगभग 52 गांव बसे हुए हैं। नदियों के आसपास किनारे बसे हुए गांवों में प्रमुख्तः अंबाडी, दिघाशी, दलोंडे, झिडके,अकोलोली, वज्रेश्वरी, गणेशपुरी, जांभिवली, खंबाला,चाणे, शेलार, खोणी, कटाई, कांबे,पिंपलशेत -भुइशेत, खारबांव, कारिवली, कालवार, वडघर, डूंगे, वडूनवघर,काल्हेर, सरवली, राजनोली, ठाकुरगांव, केल्हे, उंबरखंड,नेवाडे, तुलसी, मोहंडल, कुंभार शिव, बांद्रे, कबंबोली, सोर,भरोडी, वेहले, सारंग, पिंपलनेर, गोवा, पिंपलास, पिंपलघर,कोनगांव, पड़घा, अर्जुनाली, कुक्से, तलवली, सोनाले, बोरीवली,सोनाले, भादाणे, पिसे, चिराडपाड़ा, खांडपे, खतीवली, चिंचवली और कुंदे का समावेश है। 

    सभी जरुरी तैयारी पूरी 

    गत वर्ष 22 जुलाई को बाढ़ आने के कारण भारी पैमाने पर हुए नुकसान से सबक लेते हुए जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर के आदेश पर तहसीलदार अधिक पाटिल ने बाढ़ से होने वाली किसी भी आपदा के लिए प्रबंधन की सभी जरूरी तैयारी पूरी कर ली है। आपदा से त्वरित निपटने के लिए भिवंडी तहसीलदार कार्यालय में आपत्ति व्यवस्थापन कक्ष का निर्माण किया गया है। आपातकालीन कक्ष में सिपाही और कर्मचारी 24 घंटे हाजिर रहेंगे।

    नागरिकों को भयभीत होने की कोई जरूरत नहीं है। आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासन की तैयारी पूरी है। आपदा के बारे में समय पर जानकारी मिलने पर तत्काल ही मदद पहुंचाई जाएगी। तहसील प्रशासन एलर्ट पर है।

    -अधिक पाटिल, तहसीलदार, भिवंडी