jam
file

    भिवंडी. मुंबई-नासिक महामार्ग (Mumbai-Nashik Highway) पर  भारी जाम (Jam) लग रहा है। भिवंडी (Bhiwandi) से ठाणे (Thane) तक की 30 मिनट की दूरी तय करने में वाहन चालकों को करीब ढाई से 3 घंटे लग रहे हैं। हाईवे (Highway)  पर यात्रा करने वाले तमाम लोगों पर 9 दिन चले अढ़ाई कोस की कहावत पूर्णतया चरितार्थ हो रही है। मुंबई महामार्ग पर लग रहे भारी जाम से वाहन चालक मुंबई (Mumbai) जाने के नाम से ही बिदकने लगते हैं। जाम की वजह से कोई भी मुसाफिर निश्चित समय पर गन्तव्य स्थल तक नहीं पहुंच पा रहा है। 

    भारी यातायात जाम की वजह से इमरजेंसी सेवाएं भी समय से गंतव्य स्थानों तक नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे अत्यावश्यक सेवाएं भी जाम की भेंट चढ़ रही हैं। अनियंत्रित जाम को नियंत्रित करने में ट्रैफिक कर्मियों के पसीने छूट रहे हैं। जनहित सामाजिक संस्था ने ट्रैफिक प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से मुंबई-नासिक हाईवे पर लग रहे भयंकर जाम के निवारण के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की मांग की है।गौरतलब है कि भारी बरसात की शुरुआत से ही मुंबई-नासिक महामार्ग पर भिवंडी बाईपास राजनोली नाका से ठाणे शहर और फ्लाईओवर पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। गड्ढों में बरसात का पानी भर जाने की वजह से वाहन चालकों को सड़क दिखाई नहीं पड़ती है। गड्ढों की वजह से सड़क हादसे भी हो रहे हैं। 

    सड़कों पर बन गए हैं गड्ढे

    सड़क हादसों की सुरक्षा के लिए पानी भरे गड्ढों से बचने के लिए तमाम वाहन चालक बेहद धीमी गति से वाहनों की ड्राइविंग करते है। गड्ढों की वजह से वाहन चालकों द्वारा की जा रही धीमी गति से ड्राइविंग यातायात जाम का प्रमुख कारण है। पडघा से भिवंडी बाईपास राजनोली नाका से ठाणे की करीब 18 किलोमीटर की अल्पतम दूरी तय करने में करीब ढाई-तीन घंटे लग लग रहे हैं। महामार्ग पर लग रहे भारी जाम की वजह से भिवंडी से ठाणे जाने में 9 दिन चले अढ़ाई कोस की कहावत पूर्णतया चरितार्थ हो रही है।

    आईआरबी टोल प्लाजा खत्म होने से सड़क की रिपेयरिंग बाधित

    जानकारों की मानें तो आईआरबी द्वारा संचालित खारेगांव-कलवा टोल नाका बन्द होने की वजह से भिवंडी बायपास से रिपेयरिंग का कार्य समय पर नहीं हो रहा है। बरसात से खराब हुई सड़क की रिपेयरिंग न होने से 18 किलोमीटर के मार्ग पर भारी भरकम गड्ढों की भरमार हो गई हो गई है। सड़क हादसे से बचाव के लिए वाहन चालकों को बेहद धीमी गति से ड्राइविंग किए जाने की मजबूरी है। यात्रियों की बार-बार शिकायत के उपरांत कभी-कभार पीडब्ल्यूडी विभाग मार्ग रिपेयरिंग अंजाम देता जरूर है, लेकिन गड्ढे फिर जस के तस हो जाते हैं। वाहन चालकों को गड्ढों की पुख्ता रिपेरिंग नहीं होने से जाम की स्थिति झेलनी पड़ती है। 

    महामार्ग किनारे यात्रियों को शौचालय भी नसीब नहीं

    भिवंडी बायपास राजनोली नाका से ठाणे-मुंबई जाने वाले यात्रियों को जाम की वजह से करीब 3-4 घंटे निजी वाहन और यात्री बसों में बैठना पड़ता है। कई यात्रियों ने बताया कि अगर किसी महिला, बच्चे,बीमार यात्री को शौचालय की जरूरत हुई तो महामार्ग के किनारे शौचालय की कोई सुविधा नहीं है। शौच लगने पर महिला, बीमार, बच्चों को मन मसोसकर बैठना पड़ता है जिससे  गैस और पेट संबंधी अन्य बीमारियां घेर लेती हैं। राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण  को कम से कम महिलाओं, मरीज़ों के शौचालय के विषय में गंभीरता से सोचना चाहिए।

    ऑटो रिक्शा चालक यात्रियों से वसूलते हैं दुगुना किराया 

    मुंबई-नासिक महामार्ग पर प्रतिदिन लगने वाले भयंकर जाम का फायदा ऑटो रिक्शा चालक उठाते हैं। भिवंडी से ठाणे तक ऑटो रिक्शा चालक का भाड़ा 40 रुपए तय होने के बावजूद रिक्शा चालक 60 रुपए यात्रियों से वसूल रहे हैं। जाम की वजह से ऑटो रिक्शा चालकों द्वारा यात्रियों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। रिक्शा चालकों का कहना है कि जाम की वजह से ज्यादा समय तेल की बर्बादी होती है। क्या करें हमारी भी मजबूरी है।

    राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दे ध्यान

    जनहित सामाजिक संस्था ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण को पत्र भेजकर मुंबई-नासिक मार्ग पर लग रहे भारी जाम के निवारण के लिए अत्यावश्यक कदम उठाए जाने की मांग की है। संस्था द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए कहा गया है कि मुम्बई से पडघा तक करीब 70 किमी की दूरी में लगने वाले टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को करीब 100 रुपए से अधिक चुकाना पड़ता है बावजूद सड़कों पर गड्ढों की भरमार है। टोल टैक्स चुकाने के बाद भी वाहन चालक दुख भोगने को मजबूर हैं।