Ulhasnagar

    उल्हासनगर: स्थानीय दुकानदारों (Shopkeepers) का कहना है कि उल्हासनगर महानगरपालिका (Ulhasnagar Municipal Corporation) द्वारा बिना सुविधा उपलब्ध कराए पहले ही कई टैक्स (Tax) ले रही हैं उसके बावजूद पे एन्ड पार्क टैक्स (Pay and Park Tax) लाकर शहरवासियों को परेशान करने काम महानगरपालिका करने जा रही है। उक्त विषय को लेकर अब हर रोज अलग-अलग व्यापारी संस्थाओं द्वारा बैठकें ली जा रही जिससे महानगरपालिका इस प्रस्ताव को रद्द करें।

    इसी क्रम में उल्हासनगर व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश तेजवानी और उल्हासनगर ट्रेड एसोसिएशन (यूटीए) के कार्याध्यक्ष दीपक छतलानी ने संयुक्त रूप से स्थानीय कैम्प नंबर-3 स्थित सिन्धु युथ सर्कल में व्यापारियों की एक बैठक का आयोजन किया था। इस बैठक में पूर्व विधायक पप्पू कालानी को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।

     पे एंड पार्क प्रस्ताव को रद्द करने की मांग 

    जहां सभी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने बड़ी मात्रा में हिस्सा लिया व सभी ने सर्वसम्म्मति से पे एंड पार्क प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की और 31 जनवरी की सुबह 12 से 3  के बीच होने जा रहें अभियान में सभी नगरसेवको से अपील की है कि महानगरपालिका की 20 जनवरी को संपन्न महासभा में अशासकीय प्रस्ताव को रद्द करने के लिए  महानगरपालिका के नगरसेवक भी सामने आए। साथ आकर दुकानदारों का खुलकर साथ दें और शहर के हित में शुरू किए है जा रहे हस्ताक्षर अभियान में अपने हस्ताक्षर कर सहयोग करें। अन्यथा हम यह समझेंगे कि आप व्यापारियों के विरोधी हैं।

    पप्पू कालानी ने दिया दुकानदारों को अपना समर्थन

    मिली जानकारी के अनुसार, उक्त बैठक में पूर्व विधायक पप्पू कालानी भी शामिल हुए और उन्होंने शहर के दुकानदारों को अपना समर्थन दिया व हर हाल में मनपा के पे एंड पार्क के प्रस्ताव को रद्द कराने के लिए अपने और पार्टी स्तर पर प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया। पप्पू कालानी ने अपने उद्गार में महानगरपालिका के कुछ नगरसेवकों को रक्षक के बजाए भक्षक तक कह डाला।  इसके पीछे उनका कहना है की यदि वास्तव में नगरसेवक शहर वासियों और दुकानदारों के हितैषी होते तो यह प्रस्ताव पास ही नहीं होता। उल्हासनगर व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश तेजवानी, यूटीए के दीपक छतलानी के अलावा नरेश दुर्गानी, सच्चानन्द गोपलानी, मेघराज लुंड, हरेश कृष्णानी, गोपी वाधवानी, सोनी भाटिया  सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।