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वर्धा. वर्ष 2020 में एन्टी करप्शन ब्यूरो की टीम में 7 रिश्वतखोरो को रंगेहाथ पकड़ा. इसमें वर्ग-3 के 5 तथा वर्ग-2 के 2 अधिकारियों का समावेश है. रिश्वतखोरी में ग्रामविकास सबसे आगे रहा. इस वर्ष करीब 3 लोगों की संपत्ति की भी जांच की गई़ गत कुछ वर्षों में रिश्वतखोरों पर अंकुश लगाने में एसीबी ने सफलता हासिल की है.

गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष रिश्वतखोरी के कम मामले दर्ज किये गए. वर्ष 2020 में वर्धा एन्टी करप्शन ब्यूरो ने 7 प्रकरण दर्ज किए, जिसमें पुलिस विभाग के 2, ग्रामविकास विभाग के 2, नगरविकास विभाग 1, वनविभाग 1 व मजदूर कार्यालय के 1 प्रकरण का समावेश है. एसीबी की दो कार्रवाई अहम रही. इसमें सिंदी नप के मुख्याधिकारी तथा जिला कामगार अधिकारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया था.

इसके अलावा एसीबी ने एक ग्रामसेवक के खिलाफ पुलिस में मामला भी दर्ज किया है. वहीं तीन वरिष्ठ अधिकारियों के संपत्ती की जांच किये जाने की जानकारी है. रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने के लिए एन्टी करप्शन ब्यूरो, वर्धा द्वारा जनजागृति अभियान भी चलाया जाता है. सरकारी दफ्तरों में अधिकारी रिश्वत मांगता है, तो इसकी शिकायत एसीबी से करने का आह्वान एसीबी, वर्धा के पुलिस उपअधीक्षक गजानन विखे ने किया है.