Congress and NCP

यवतमाल. जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के संचालकों का चुनाव 21 और 22 को संपन्न हुआ. जिसमें महाविकास आघाडी ने 21 में से 16 सीटों पर कब्जा कर अपना दबदबा कायम किया है. अब कौन बैंक का चेयरमैन बनेगा, इसको लेकर चर्चा चल रही हैं, 16 में से 9 सीट जीतकर कांग्रेस सबसे आगे है. इसलिए अब अध्यक्ष का पद अब एक कांग्रेस के किसी संचालक को दिया जाएगा, ऐसा माना जा रहा है.

दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं. वह निर्दलीय उम्मीदवारों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है. जिला बैंक चुनावों में कांग्रेस ने 21 में से 9 सीटें जीती हैं. राकांपा के 4, शिवसेना के 3, भाजपा के 3 और निर्दलीय 2 हैं. तहसील गुट के एक उम्मीदवार ने भाजपा समर्थित शेतकरी सहकार विकास आघाडी के पर चुनाव लडा था और वह चुनकर भी आए. लेकिन अब वह बीजेपी द्वारा समर्थित नहीं एक स्वतंत्र उम्मीदवार होने की घोषणा कर रहें हैं. अध्यक्ष पद के लिए चुनाव जनवरी में होंगे.

महाविकास आघाडी के नेताओं ने कहा कि, फिलहाल कुछ भी तय नहीं किया गया है. यदि संख्या बल के हिसाब से महाविकास आघाडी के तीन दल एक-दूसरे के प्रति निष्ठावान हों तो ही अध्यक्ष पद कांग्रेस को दिया जा सकता है और उपाध्यक्ष के दो पद में से एक शिवसेना तथा एक राकांपा को दिया जा सकता है. इस पर पालकमंत्री संजय राठोड़ क्या फैसला सुनाते हैं. इस तरफ सभी की निगाहें लगी हुई है. 

चुनाव नए साल के पहले सप्ताह में हो सकता है. चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, सहकारी चुनाव प्राधिकरण ने कहा है कि 14 दिनों के भीतर इस संबंध में एक अधिसूचना जारी करना अनिवार्य है. इसे देखते हुए अध्यक्ष पद के लिए चुनाव जनवरी के पहले सप्ताह में होगा, ऐसा बताया जा रहा है.

जिला सहकारी बैंक के चुनाव में, जिला परिषद के शिक्षक ने संचालक के रूप में पहली बार बैंक में प्रवेश किया है. इस प्रविष्ठि के लिए, उन्हें अंतिम क्षण तक कडी मेहनत करनी पडी. उन्हें अब इस प्रविष्टि को अवैध बनाने के लिए कानूनी लडाई लडनी होगी.