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    जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के छह जिलों में जिला परिषद व पंचायत समिति चुनावों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए सोमवार को कहा कि जनता ने विपक्षी दल भाजपा के ‘अहंकार व दुष्प्रचार’ को इन चुनावों में मुंहतोड़ जवाब दे दिया है। इसके साथ ही गहलोत ने कहा कि राज्य में कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है और इन चुनावों से जनता ने 2023 में राज्य में पुन: कांग्रेस की सरकार बनाने का रास्ता भी तय कर दिया है।

    गहलोत ने आरोप लगाया कि कल तक सरकार पर सत्ता का दुरुपयोग का आरोप लगा रही भाजपा ने जयपुर जिला परिषद में “खरीद-फरोख्त” का सहारा लेकर अपना जिला प्रमुख बनाया है। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया इस खरीद फरोख्त में वही लोग शामिल हैं जो पहले भी राजस्थान में सरकार गिराने का कुप्रयास कर चुके हैं। राज्य के छह जिलों जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, दौसा और सिरोही में 200 जिला परिषद सदस्य, 78 पंचायत समितियों में 1564 पंचायत समिति सदस्यों के लिए तीन चरणों में हुए मतदान के परिणाम शनिवार को घोषित किए गए थे।

    इन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गहलोत ने सोमवार को एक बयान में कहा, “पिछले एक साल से भाजपा के केन्द्रीय मंत्री एवं स्थानीय नेता लगातार मेरे खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। भाजपा के मुख्यमंत्री पद के छह दावेदारों ने बिना तर्कों एवं तथ्यों के मेरे व राज्य सरकार के खिलाफ बयानबाजी की। मैंने कभी उनका जवाब नहीं दिया लेकिन आज जनता ने मुंहतोड़ जवाब देकर उनका मुंह बंद कर दिया है।”

    गहलोत ने कहा, “जनता ने कांग्रेस को आशीर्वाद देकर बड़ा जनादेश दिया है और गांवों की सरकार से भाजपा का सफाया कर दिया है। इन चुनाव परिणामों में किसानों और ग्रामीण जनता का भाजपा के प्रति गुस्सा स्पष्ट तौर पर दिखाई दिया है।” उन्होंने कहा कि इन चुनावों में भाजपा के केन्द्रीय मंत्रियों तक ने प्रचार किया लेकिन जनता उनके झूठ और दुष्प्रचार में नहीं आई। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन चुनावों में जनता ने सरकार द्वारा दिए जा रहे सुशासन पर मुहर लगाई है।

    उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार को 32 महीने हो गए हैं लेकिन यहां कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है और यहां हुए हर चुनाव में जनता ने कांग्रेस का साथ दिया है। गहलोत ने कहा कि विधानसभा उपचुनाव, नगरीय निकायों एवं पंचायतीराज चुनावों में जनता ने कांग्रेस को भरपूर आशीर्वाद दिया है व भाजपा को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह राजस्थान में सरकार में आने के सपने देखना छोड़ दे। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता ने राज्य सरकार की सभी जनहितकारी योजनाओं को अपना समर्थन दिया है एवं भाजपा को अहंकार के कारण मुंह की खानी पड़ी है।

    गहलोत ने कहा, “देश प्रदेश की जनता ने मन बना लिया है कि वह अब आने वाले हर चुनाव में भाजपा को सबक सिखाएगी।” उन्होंने कहा कि चार सितंबर को आए नतीजों में पंचायत समितियों के 1564 वार्ड में से 670 वार्ड (42.77%) में कांग्रेस, 551 वार्ड (35.17%) में भाजपा व 371 वार्ड में निर्दलीयों ने जीत दर्ज की तथा अधिकांश निर्दलीय भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा “78 पंचायत समितियों में से 50 पंचायत समितियों में कांग्रेस के प्रधान बने हैं। भाजपा कांग्रेस के आधे 25 प्रधान ही बना सकी है। इनमें से भी 10 प्रधान महज एक वोट के अंतर से ही जीते हैं।”

    उन्होंने कहा कि छह में से चार जिला परिषदों में कांग्रेस को बहुमत मिला। कांग्रेस ने तीन जगहों पर अपने जिला प्रमुख बनाए हैं। जयपुर जिला प्रमुख पद के चुनाव में कांग्रेस की बागी रमादेवी के भाजपा प्रत्याशी के रूप में जिला प्रमुख चुनाव जीतने पर गहलोत ने आरोप लगाया कि कल तक सरकार पर सत्ता का दुरुपयोग का आरोप लगा रही भाजपा ने जयपुर जिला परिषद में खरीद फरोख्त का सहारा लेकर अपना जिला प्रमुख बनाया है। उन्होंने कहा,’ यदि कांग्रेस सरकार पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की भांति सत्ता का दुरुपयोग करती तो ऐसा संभव ही नहीं होता।’ (एजेंसी)