Yogi government issued guidelines related to lockdown 4.0

  • लखनऊ के एसजीपीजीआई में होगी सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना

-राजेश मिश्र

लखनऊ. बुधवार को अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के पास डाटा (आंकड़े), डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी), डिमांड (मांग) और डेमोक्रेसी (लोकतंत्र) के साथ-साथ विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की समृद्ध विरासत है, जिसके सहारे वैश्विक समस्याओं के समाधान में देश महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कुछ इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) का आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग (IT & Electronics Department) भी जल्द ही लखनऊ के एसजीपीजीआई में मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स (Medical electronics) और हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स (Health Informatics) के क्षेत्र में एक सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस (Center of excellence) की स्थापना करने जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से संबंधित स्वायत्त संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क्स ऑफ इंडिया और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ मिलकर काम कर रहे हैं। 

यह केन्द्र मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स के क्षेत्र में स्टेट ऑफ आर्ट अवस्थापना और विश्व स्तरीय प्रयोगशाला के द्वारा इस क्षेत्र में आने वाले तकनीकी आधारित नए स्टार्टअप के विकास के लिए आधारभूत सुविधाओं और तकनीक के संबंध में मदद करेगा। सरकार के इस कदम को प्रदेश में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए सूचना प्रोद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की ग्रोथ पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

गौरतलब है कि अभी हाल ही में पिछले सात दिसंबर सोमवार को सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने प्रदेश में लागू स्टार्टअप नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिए अपर मुख्य सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आलोक कुमार की अध्यक्षता में गठित नीति कार्यान्वयन इकाई की बैठक में राज्य में 7 नए इनक्यूबेटरों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है।