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    -राजेश मिश्र

    लखनऊ: विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) की अग्रिम तैयारियों में जुटी योगी सरकार (Yogi Government) इस बार दिसंबर के महीने में ही शीतकालीन सत्र का आयोजन कर लेखानुदान पारित करवाएगी। इसी के साथ चुनावों के ठीक पहले बड़ी परियोजनाओं और लोक लुभावन योजनाओं को उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) में लाएगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से शुरु होगा जो कि मौजूदा विधानसभा का अंतिम सत्र होगा। 

    योगी सरकार शीतकालीन सत्र में जहां चार महीनों के कामकाज के लिए लेखानुदान लाएगी, वहीं नयी लोक लुभावन योजनाओं और पुरानी चल रही परियोजनाओं को गति देने के लिए अनुपूरक बजट लाकर धनराशि की व्यवस्था करेगी। सरकार चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए दूसरा अनुपूरक बजट भी ला सकती है। लेखानुदान के तहत नए वित्तीय वर्ष में जुलाई माह तक के लिए जरूरी खर्चों के लिए बजट का प्रारूप तैयार कर लिया है। बताया जा रहा है कि सरकार लेखानुदान इसी 15 दिसंबर को सदन में प्रस्तुत कर सकती है।

     मथुरा के लिए कई योजनाओं का एलान संभव

    काशी-विश्वनाथ कारीडोर के पहले चरण के उद्घाटन और अयोध्या में राम मंदिर के चल रहे निर्माण के बीच प्रदेश सरकार इस बार के अनुपूरक बजट में मथुरा के लिए कई योजनाओं की शुरुआत कर सकती है। मथुरा के लिए कई धार्मिक परियोजनाओं की शुरुआत का एलान शीतकालीन सत्र में किया जा सकता है। हाल के दिनों में राजनीतिक हल्के में काशी, अयोध्या के बाद मथुरा की चर्चाएं होने से मथुरा के लिए अनुपूरक से कुछ खास देने का इंतजाम करने का अनुमान लगाया जा रहा है। अनुपूरक बजट में गंगा एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर मेट्रो परियोजना और जेवर एयरपोर्ट के लिए धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है। छात्रवृत्ति के मद में भी और बजट का इंतजाम अनुपूरक के जरिए किए जाने की उम्मीद है।

    कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कर सकती है योगी सरकार 

    विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर योगी सरकार अगले वित्तीय वर्ष के लिए पूर्ण बजट लाने के बजाए चार महीने का लेखानुदान शीतकालीन सत्र में पास कराएगी। इसके साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष का दूसरा अनुपूरक बजट लाया जा सकता है। चुनावों के देखते हुए योगी सरकार शीतकालीन सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कर सकती है। वित्त विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शीतकालीन सत्र में योगी सरकार अगले वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों के लिए लेखानुदान लाएगी। अप्रैल 2022 से जुलाई 2020 तक के लिए पेश किए जाने वाले इस लेखानुदान का आकार 1.75 लाख करोड़ रुपए हो सकता है।

    छोटी हो सकता है शीतकालीन सत्र  

    हालांकि अभी विधानसभा के शीतकालीन सत्र का कार्यक्रम तय होना है पर इतना साफ है कि चुनावी गहमागहमी और विभिन्न कार्यक्रमों के देखते हुए इसकी अवधि छोटी रखी जाएगी। सोमवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के तहत प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर से विधानसभा सत्र बुलाए जाने के प्रस्ताव को  मंजूरी दी है। विधानसभा सत्र की शुरुआत के बाद ठीक अगले ही दिन योगी मंत्रिमंडल की बैठक वाराणसी में प्रस्तावित है। पहली बार उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक किसी मंदिर परिसर में बुलायी जा रही है। इससे पहले बीते साल कुंभ के दौरान प्रयागराज में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गयी थी। वाराणसी में काशी विश्वनाथ कारीडोर के पहले चरण का उद्घाटन अगले सप्ताह सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसी कारीडोर में ही उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक भी होगी।