Proposal brought in US House against 'disappearing' people in the world

वाशिंगटन: अमेरिका (America) के सांसदों ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय (Indian-American Community) के लोगों को दीपावली (Diwali) की शुभकामनाएं दी और कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा के सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने प्रकाश के पर्व का धार्मिक तथा ऐतिहासिक महत्व रेखांकित करते हुए सदन में एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विश्व भर में दीपावली का पर्व शनिवार को मनाया जा रहा है।

अमेरिका में हिंदू (Hindu), सिख (Sikh) और जैन (Jain) समुदाय के 40 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं जो दीपावली का त्यौहार मनाते हैं। सदन में पेश किये गए प्रस्ताव में भारतीय-अमेरिकी लोगों के लिए दिवाली के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित किया गया तथा विश्व भर में फैले भारतीय समुदाय के लोगों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया गया।

शुक्रवार को सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए कृष्णमूर्ति ने कहा, “हिंदू, सिख और जैन लोगों के लिए दिवाली का त्यौहार अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व है और इस बार अमेरिका तथा दुनियाभर में चुनौतियों और अनिश्चितता से भरे माहौल में इसके महत्व को समझना और भी अहम हो गया है।”

भारत और अमेरिका समेत विश्वभर में धार्मिक विविधता की सराहना करते हुए प्रस्ताव में दोनों देशों के बीच सहयोग और सम्मान के संबंधों को रेखांकित किया गया है। सीनेट सदस्य और सीनेट इंडिया कॉकस के सह अध्यक्ष जॉन कोर्निन ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस साल महामारी के दौरान कई त्यौहार आए लेकिन दिवाली उनमें से विशिष्ट है।

उन्होंने कहा, “हम अधिक मात्रा में एकत्र नहीं हो सकते लेकिन फिर भी इस संसार में अच्छाई के लिए पर्व मना सकते हैं। एकांतवास के इस समय में दिवाली हमे संपर्क बनाने में सहायता कर सकती है।”

कोर्निन ने कहा, “चाहे कैसी भी परिस्थिति हो, दिवाली हमे याद दिलाती है कि अंधकार पर सदैव प्रकाश की विजय होती है और बुराई पर अच्छाई की जीत होती है। अनिश्चितता के इस दौर में दिवाली हमें अवसर और अच्छाई की तलाश करने का मौका देती है।” तुलसी गबार्ड और रो खन्ना समेत अमेरिकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा के कई अन्य सदस्यों ने भी दीपावली की शुभकामनाएं दीं।