पीएम मोदी का जन्मदिन आज, जानिए उनके जीवन से जुड़ी अनसुनी बातें

    नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का आज जन्मदिन है। एक साधारण परिवार में जन्में मोदी ने जिंदगी में कई चुनौतियों का सामना करते हुए भारत के प्रधानमंत्री बनने का सफर तय किया है। आज हम आपको बताएंगे पीएम मोदी (Happy Birthday PM Modi) की जिंदगी से जुड़ी अनसुनी बातें। बता दें कि गुजरात (Gujarat) के वडनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था। उनके पिता का नाम दामोदर दास मोदी और मां का नाम हीराबेन मोदी है। 

    ज्ञात हो कि बचपन में पीएम मोदी का सपना भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करने का था। इसके लिए वह घर के पास जामनगर के सैन्य स्कूल में एडमिशन लेना चाहते थे। लेकिन माता-पिता के पास उतने पैसे नहीं थे कि एडमिशन हो जाए। इसलिए उन्हें एडमिशन नहीं मिल सका। आर्मी स्कूल में एडमिशन नहीं मिला तो मोदी अपने पिता के साथ वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने में मदद करने लगे। बचपन में मोदी की रूचि परिचर्चा और किताबें पढ़ने में अधिक थी। यही कारण है कि उनकी बातें लोगों को प्रभावित करती थीं। 

    उल्लेखनीय है कि मोदी ने साल 1973 में नवनिर्माण आंदोलन में भी भाग लिया था। इस आंदोलन का ही असर था कि कांग्रेस की सरकार गिर गई। इसी आंदोलन से वे जयप्रकाश नारायण के करीब आ गए। इमरजेंसी के समय में जॉर्ज फर्नांडीज ने कांग्रेस की खिलाफत करने के लिए हथियार उठाने का प्रस्ताव दिया लेकिन मोदी ने उन्हें साफ इनकार कर दिया। 

    वहीं प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि उनके पास फिल्म देखने का समय नहीं है, लेकिन देवानंद उनके पसंदीदा अभिनेता हैं। पीएम मोदी आज भी युवाओं के दिलों पर राज करते हैं। उनकी दिवानगी युवाओं में कितनी है यह किसी से छुपी नहीं है। 

    गौर हो कि मोदी बचपन से राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की शाखा में जाया करते थे। साल 1988-89 में वे भारतीय जनता पार्टी में वे गुजरात बीजेपी के महासचिव नियुक्त हुए थे। भाजपा के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी की रथयात्रा के आयोजन में मोदी की बड़ी भूमिका थी। वर्ष 1995 में उन्हें भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारी दी। बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव बनाने के साथ ही पांच राज्यों का प्रभारी भी बना दिया।

    साल 1998 से लेकर अक्टूबर 2001 तक मोदी संगठन के महासचिव पद पर रहे। फिर 2001 में केशुभाई पटेल को सीएम पद से हटा दिया गया और नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री की कमान दी गई। इसके पांच महीने बाद गुजरात में गोधरा कांड हुआ। जिसमें कई हिंदू कारसेवक मारे गए। फरवरी 2002 में गुजरात में दंगे भड़क गए। जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। गुजरात दंगों को लेकर मोदी पर कई आरोप लगे। उन्हें सीएम पद से हटाने की लगातार मांग उठती रही। लेकिन बीजेपी ने उन्हें पद से नहीं हटाया गया।

    वहीं दिसंबर 2002 में गुजरात में विधानसभा के चुनाव हुए जिसमें मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने फिर जीत दर्ज की।  फिर 2007 और 2012 में भी बीजेपी ने विधानसभा चुनान में जीत का परचम लहराया। साल 2013 में नरेंद्र मोदी को भाजपा संसदीय बोर्ड में जगह दी गयी। जिसके बाद ये तय होगा की वह राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री करने जा रहे हैं।

    साल 2014 में बीजेपी ने मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा। बीजेपी ने अपने दम पर 282 सीटों पर जीत दर्ज की। मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। साल 2019 का चुनाव भी भाजपा ने मोदी के चेहरे पर लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की। मोदी फिर देश के पीएम बनें।