Assembly session from today, Pilot will sit next to Gehlot, not next to him

    नई दिल्ली: पंजाब का सियासी ड्रामा भले ही खत्म हो गया है। लेकिन अब राजस्थान (Rajasthan Politics) में संग्राम शरू हो सकता है। यही कारण है कि कांग्रेस (Congress) आलाकमान की नजर अब राजस्थान पर है। माना जा रहा है कि पायलट खेमे की मांग पर कैबिनेट का जल्द विस्तार हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार सीएम अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) की तबीयत ठीक होने के बाद संगठन में बदलाव किया जा सकता है। 

    गौर हो कि कांग्रेस आलाकमान नहीं चाहती है कि पंजाब की तरह राजस्थान में भी सियासी घमासान मचे इसलिए वह पहले ही मसले को सुलझा लेना चाहती है। यही कारण है कि 17 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सचिन पायलट के साथ बैठक की है। ऐसे में पहले मंत्रिमंडल का फेरबदल और फिर जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जायेगी। 

    उल्लेखनीय है कि राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे के बीच लंबे समय से खींचतान जारी है। यही कारण है कि आलाकमान अब जल्द से जल्द इसे सख्त फैसले लेकर खत्म करना चाहती है।  पिछले साल बगावत के बाद सुलह के लिए पायलट कैंप के मुद्दों को सुलझाने पर सहमति हुई थी।  लेकिन अब तक वो मसलें सुलझें नहीं हैं।  

    वहीं इससे पहले राजस्थान प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने राजधानी जयपुर में 29 और 30 जुलाई को सभी कांग्रेस विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर उनका मन टटोला था।इनके द्वारा मिले फीडबैक के आधार पर अजय माकन ने आलाकमान को अपनी रिपोर्ट दे दी है। ऐसे में कांग्रेस जल्द ही इसे लागू करना चाहती है।