File Photo
File Photo

    -विनय कुमार

    IPL 2022 लीग स्टेज के 70 में से 55 मैच मुंबई के 3 स्टेडियम- वानखेड़े स्टेडियम, ब्रेबोर्न स्टेडियम और नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले जाएंगे। बाकी के मैच पुणे के एमसीए स्टेडियम में होंगे। मुंबई के तीनों मैदान की पिचों पर बल्लातोड़ गेंदबाजों का बल्ला खूब बोलेगा। एक्सपर्ट्स का माना है कि, यहां की पिचें बल्लेबाजों के लिए भी मददगार होंगी। वहीं, पुणे के MCA स्टेडियम की पिच पर स्पिन गेंदबाजों का दबदबा हो सकता है।  ESPN Cricinfo के अनुसार, वानखेडे, ब्रेबोर्न और डीवाई पाटिल स्टेडियम की पिचों में लाल मिट्टी का उपयोग किया गया है, जबकि, पुणे के MCA स्टेडियम की पिच काली मिट्टी से बनी है।

    वानखेडे की पिच पर विजय का मंत्र क्या है जानिए

    मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में पिछले 13 नाईट मैचों में से 10 मैचों में दूसरी पारी में बैटिंग करने वाली टीम ने बाज़ी मारी है। इस मैदान पर खेले गए पिछले 20 मैचों में पहली पारी का एवरेज स्कोर 175 रन रहा है। इसकी पिच पर IPL 2021 के पावरप्ले में फ़ास्ट बोलर्स ने 31 विकेट और स्पिन बोलर ने सिर्फ 1 विकेट चटकाए।

    वानखेडे स्टेडियम के मैदान में जीत का झंडा गाड़ने का  सबसे सरल मंत्र है- टॉस जीतने, गेंदबाजी पहले लेना और ओस का जमकर फायदा उठाना। यहां की छोटी बाउंड्री और ओस का बढ़िया असर टॉस जीतने वाली टीम को मिल सकता है। यहां की पिच पर धाकड़ बल्लेबाज़, फास्ट बोलर और स्विंग कराने वाले बोलर्स की भूमिका अहम होगी।  आपको याद दिला दें कि इस मैदान में खेले गए पिछले 20 मैचों में 73 फीसदी विकेट तेज़ गेंदबाजों ने चटकाए हैं।

    बहुत तेज है Braborne Stadium की outfield

    मुंबई में CCI के ब्रेबोर्न स्टेडियम में 2015 के बाद से एक भी T20 मैच नहीं खेला गया है। यहां की पिच पर खेले गए पिछले 9 में से 6 मैचों में पहले बैटिंग करने वाली टीमों ने जीत दर्ज़ की। इस मैदान में पहली पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम का एवरेज स्कोर 173 रन रहा है। यहां की पिच भी लाल मिट्टी से बनी है। ऐसी स्थिति में बल्लेबाज को मददगार परिस्थितियां मिलती हैं। खास बात ये भी है कि, यहां की आउटफील्ड बहुत तेज है, और ग्राउंड वानखेडे स्टेडियम की तुलना में काफी बड़ा है। इस मैदान में स्पिन गेंदबाजों की भूमिका अहम होगी।

    दूसरे मैदानों के मुकाबले बड़ी है DY Patil Stadium की बाउंड्री

    नवी मुंबई के डी वाई पाटिल स्टेडियम के मैदान में पिछला प्रफेशनल T20 मैच 2011 में खेला गया था। उसके बाद से लेकर आज तक इसका सबसे ज्यादा उपयोग फुटबॉल मैचों के लिए किया गया। इस मैदा  की बाउंड्री मुंबई के अन्य  मैदानों से ज़्यादा बड़ी है।

    MCA Stadium पुणे में स्पिन बोलर्स का रहेगा जलवा

    पुणे के MCA Stadium में बीते 4 साल में केवल एक T20 मैच खेला गया है। इस मैदान पर अब तक खेले गए कुल 14 मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों का औसतन स्कोर 170 रन रहा है। इन मैचों में 9 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीत हासिल की है।  यहां की पिच पर रात में खेले गए मैचों में फ़ास्ट बोलर्स की इकॉनमी और स्ट्राइक रेट क्रमशः 9.22 और 22 बॉल है। वहीं,  स्पिन गेंदबाजों ने औसतन केवल 8.1 रन प्रति ओवर देते हुए हर 19 बॉल पर विकेट चटकाए हैं।

    पुणे के ,MCA Stadium में IPL 2018 के बाद साल 2020 में सिर्फ एक ही इंटरनेशनल मैच खेला गया। यहां की पिच काली मिट्टी से बनी हुई है। इस मैदान की बाउंड्री भी मुंबई के अन्य मैदानों की तुलना में छोटी है। इस मैदान का इतिहास बताता है कि, यहां की पिच पर  स्पिन गेंदबाज औसतन 6.78 की इकॉनमी से हर 23 बॉल पर एक विकेट हासिल कर लेता है। ऐसे में यहां की पिच पर स्पिन गेंदबाजों का जलवा नजर आ सकता है।