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गोंदिया. न्यायालय में चल रहे एक मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश और निजी वकील के बीच बहस हो गई. जिससे न्यायाधीश ने वकील को न्यायालय की अवमानना के लिए 90 रुपए का जुर्माना और भुगतान नहीं करने पर 5 दिनों की कैद की सजा सुनाई. इसके बाद वकील को भंडारा जेल भेज दिया गया. इसके खिलाफ बार एसोसिएशन ने हड़ताल कर घटना के खिलाफ उच्च न्यायालय में जाने का फैसला लिया है. मंगलवार को पूरे दिन शहर में इसी बात की चर्चा रही. गोंदिया निवासी एड. पराग तिवारी (50) सजा सुनाए गए वकील का नाम है.

वकील व न्यायाधीश के बीच हुई कहा सुनी

जानकारी के अनुसार न्यायाधीश अभिजीत कुलकर्णी की न्यायालय में एक जमीन मामले को लेकर सुनवाई थी. इस बीच पक्षकार के वकील पराग तिवारी देर से कोर्ट पहुंचे. इस पर न्यायाधीश कुलकर्णी ने सीधे तौर पर पक्ष को वकील बदलने की सलाह दे दी. जिस पर पराग तिवारी ने न्यायाधीश से आपत्ति जताई. इस पर तिवारी व न्यायाधीश कुलकर्णी के बीच कहा-सुनी हो गई. इस मामले में न्यायाधीश कुलकर्णी ने न्यायालय की अवमानना के मामले में एड. तिवारी को 90 रुपए का जुर्माना, जुर्माना न देने पर 5 दिन की कैद की सजा सुनाई. इसके बाद पुलिस बुलाई गई और तिवारी को जेल भेज दिया गया. इसके बाद 5 और 6 फरवरी पूरे दिन सोशल मीडिया पर इस मामले की चर्चा होती रही. मंगलवार की सुबह बार एसोसिएशन ने बैठक बुलाकर कल की कार्रवाई के खिलाफ उच्च न्यायालय जाने का फैसला किया और मामले के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया. उल्लेखनीय है कि जिले के इतिहास में पहली बार किसी वकील को सजा सुनाए जाने की बात कही जा रही है.

न्यायालय का कामकाज ठप

गोंदिया जिला न्यायालय के न्यायाधीश कुलकर्णी की ओर से बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व सीनियर अधिवक्ता एड. पराग तिवारी को एक पैरवी के दौरान थोड़ी देर से पहुंचने पर हुई बहस में सजा सुनाई. जिसके खिलाफ गोंदिया, तिरोड़ा, आमगांव, देवरी, सड़क अर्जुनी, अर्जुनी मोरगांव न्यायालय में आंदोलन किया गया. जिससे न्यायालय का कामकाज ठप पड़ गया.

बार एसोसिएशन ने तिवारी की सजा को उच्च न्यायालय में चुनौती देने का फैसला किया है. जबकि कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है. मामले के विरोध में 6 फरवरी को जिला बार एसोसिएशन की ओर से काम बंद रखा गया.

-एड. बढ़े, अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन, गोंदिया