Nashik Municipal Corporation suffered a setback of 150 crores in the first quarter, the councilors may have to face problems

    नाशिक. महानगरपालिका (Municipal Corporation) की तिजोरी खाली है। फिर भी मायको सर्कल और त्रिमूर्ती चौक (Trimurti Chowk) के 250 करोड़ रुपए के दो उड़ान पुल (Flying Bridge) बनाया जा रहा है, जिसके आकलन में बड़े तौर पर खामिया होने से उड़ान पुल काम धीमी गति से शुरू है। यह जानकारी महानगरपालिका के निर्माण विभाग (Construction Department)ने दी। इसलिए मूल आकलन पर ही संदेह व्यक्त किया जा रहा है। गड़बड़ी होने पर नगरसेवक उड़ान पुल की प्रक्रिया को नए सिरे से लागू करने की मांग कर रहे हैं।

    सिडको के त्रिमूर्ती चौक और त्र्यंबक रोड के मायको सर्कल परिसर में प्रस्तावित उड़ान पुल ठेकेदार और आकलन के चलते विवादों में फंस गया है। इस पुल को लेकर शुरुआत में आमने-सामने आए शिवसेना और भाजपा पदाधिकारियों में ‘अर्थ’ पूर्ण संवाद के बाद माहोल शांत हुआ था। परंतु उड़ान पुल के खर्च को लेकर भाजपा के नगरसेवकों में बड़े तौर पर असंतोष पसरा हुआ है। विकास कार्य को निधी नहीं मिल रहा है, फिर भी उड़ान पुल पर खर्च करने का सवाल भाजपा के ही नगरसेवक और पदाधिकारियों ने खड़ा किया। तो 250 करोड़ का काम महानगरपालिका से न होने के बाद भी पुल के दर्जा का कारण आगे करते हुए एम 40 सिमेंट के बजाए एम 60 सिमेंट का उपयोग करने के लिए 44 करोड़ रुपए का अतिरिक्त र्खच बढ़ाने से पुल को लेकर शुरू विवाद ओर भी बढ़ गया है। दूसरी ओर आकलन में होने वाली खामियों से पुल कार्य का प्रारंभ न होने का दावा महानगरपालिका के निर्माण विभाग ने किया है। पीलर और गडर के बजाए सेगमेंटल प्री कास्ट तरीके से उड़ान पुल तैयार करने की बात कर उड़ान पुल के आकलन में बदल करने के लिए ठेकेदार और कुछ पदाधिकारी दबाव बना रहे है। इसलिए अगर मूल आकलन में ही खामिश होगी तो 250 करोड़ रुपए के उड़ान पुल के कार्य का अध्यादेश दिया कैसे? यह सवाल अब उपस्थित हो गया है।

    उड़ान पुल कार्य की रफ्तार बढ़ना असंभव

    दो उड़ान पुल के कार्य की शिकायत विधीमंडल के अंदाज समिति के पास की गई है। साथ ही पुल का विवाद राज्य सरकार के पास पहुंच गया है। अब आकलन में खामिया होने की बात कर उसमें बदलाव करने के लिए महानगरपालिका का निर्माण विभाग पहल कर रहा है। सलाहकार की मदद से तैयार किए गए आकलन विवाद में फंस गया है। करोड़ों रुपए के उड़ान को रोकने के लिए भाजपा के नगरसेवक एक हो गए है। पुल और आकलन के खिलाफ न्यायालय में गुहार लगाने के लिए तैयारी कर रहे है। इसलिए उड़ान पुल के कार्य को गती मिलना असंभव हो गया है।