Vaccination
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    नाशिक. शहर के कई गृह सोसाइटियों (Housing Society) ने पहल कर कोविड (Corona) प्रतिबंधक टीकाकरण (Vaccination) के सशुल्क सत्र का आयोजन शुरू किया है, परंतु धोखाधड़ी (Fraud) टालने के लिए जांच पड़ताल कर टीकाकरण सत्र का आयोजन करने की अपील प्रशासन द्वारा की गई है,क्योंकि मुंबई जैसे शहर में ऐसे टीकाकरण सत्र का आयोजन करने वाले कुछ सोसाइटियों के साथ धोखाधड़ी हुई है। फर्जी टीकाकरण के मामले भी दर्ज हुए हैं। इसलिए सावधानी बरती जा रही है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर (Third Wave) जल्द ही आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ऐसे में डेल्टा प्लस वेरिएंट (Delta Plus Variant) का संकट खड़ा हो गया है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए और होने पर अधिक प्रभाव न हो इसलिए कोविड प्रतिबंधक टीका यह एकमेव पर्याय है।  

    नाशिक में टीकाकरण अभियान ने अब जोर पकड़ लिया है। सरकारी यंत्रणा और निजी अस्पतालों को भी टीका उपलब्ध हो रहा है। नागरिकों की सुविधा के लिए कुछ सोसाइटी द्वारा पहल कर टीकाकरण सत्र का आयोजन किया जा रहा है, जिसे अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा है, परंतु इस तरह से आयोजन करने से पहले जांच पड़ताल करने की अपील जिला प्रशासन ने की है। संबंधित अस्पताल के साथ टाय-अप होने के बाद उसकी जानकारी मनपा के स्वास्थ्य विभाग को दें। इस विभाग के अधिकारी पहुंचकर व्यवस्था की जांच करेंगे। इसके बाद टीकाकरण सत्र की आईडी तैयार की जाएगी। इसके बाद आयोजन के लिए अनुमति दी जाएगी। शहर में अब तक दो बड़े सोसाइटी में नामचीन अस्पताल की मदद से टीकाकरण सत्र के लिए अनुमति मांगी है। यह जानकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजिता सालुंके ने दी।

    अस्पताल में पहुंचना भी महत्वपूर्ण

    शहर के कुछ अस्पताल की मदद से सशुल्क टीकाकरण सत्र का आयोजन किया जा रहा है। परंतु संबंधित अस्पताल के प्रतिनिधी सोसाइटी में पहुंचकर प्राथमिक चर्चा करते है। फिर भी सोसाइटी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने संबंधित अस्पताल में पहुंचकर टीकाकरण सत्र आयोजन प्रक्रिया के बारे में जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारी या व्यवस्थापन के अधिकारी से चर्चा करना आवश्यक है। अस्पताल के जो प्रतिनिधी सोसाइटी में आते है उनके बारे में अस्पताल से पुछपरख करना जरूरी है।