नाशिक जिले में पेपरलेस बनी पिंपलकोठे पंचायत, मकान पर कर वसूली के लिए लगे क्यूआर कोड

    सटाणा: ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) की कार्यप्रणाली को पारदर्शक करने के लिए पेपरलेस ग्राम पंचायतों (Paperless Gram Panchayats) को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रत्येक करदाता को मोबाइल एप (Mobile App) के माध्यम से टैक्स (Tax) का भुगतान करना संभव हुआ है। इस प्रकार से करों का भुगतान करने वाली बागलाण तहसील की पिंपलकोठे जिले की पहली ग्राम पंचायत साबित हुई है। 

    गांव की आबादी करीब दो हजार 332 है। प्रत्येक मकान पर ग्राम पंचायत कर वसूली के लिए क्यूआर कोड लगाए गए है। इसलिए ग्राम पंचायतों के सभी व्यवहार पारदर्शी होने में मदद मिलेगी।

    पैसा सीधे बैंक में जमा

    इस ग्राम पंचायत में किसी भी रकम का नकद स्वीकार नहीं किया जाता है। रकम सीधे बैंक में जमा होने से ग्राम पंचायत का हिसाब-किताब पारदर्शी होता है। दरमियान करदाताओं के कर की रकम और मकान की जानकारी क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद दिखाई देती है।

    ग्रामीण परिसर में डिजिटल क्रांति होना जरूरी है। इस उद्देश्य से ग्राम पंचायत को स्वनिधि उपलब्ध करने के लिए क्यूआर कोड तैयार किया गया है, जिसे सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है।

    -किशोर भामरे, सरपंच, पिंपलकोठे

    आधुनिक तकनीक के माध्यम से क्यूआर कोड तैयार करने के बाद उसे प्रत्येक मकान पर चिपकाया गया है। करदाता को मोबाइल के माध्यम से टैक्स का भुगतान करने और ग्राम पंचायत का विकास करने के लिए हमने ‘ई-पेपरलेस ग्राम’ संकल्पना पर अमल किया है। इस तरह से कार्य करने वाली पिंपलकोठे जिले की पहली ग्राम पंचायत साबित हुई है।

    -योगेश भामरे, ग्राम सेवक, पिंपलकोठे

    ग्राम पंचायत कर वसुली बहुत कम थी। कर्मियों पर हमेशा दबाव होता था। इसलिए सरपंच, ग्रामसेवक के मार्गदर्शन में क्यूआर कोड की संकल्पना बनाई गई, जिसे ग्रामीणों का प्रतिसाद मिला।

    -महेश जगताप, संगणक परिचालक, पिंपलकोठे